धरसींवा विधायक अनुज शर्मा ने विधानसभा में शराब घोटाला, भूमि नोटिस और नेचर सफारी से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा, जनहित में उठाए सवाल।
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा ने क्षेत्र की जनता की समस्याओं को गंभीरता से उठाते हुए तीन अहम सवाल पूछे, जिनमें मिलावटी शराब की बिक्री, शासकीय भूमि पर नोटिस, तथा मोहरेंगा नेचर सफारी की स्थिति शामिल रही। विधायक ने कहा कि वे आगे भी क्षेत्र की आवाज को सदन तक पहुंचाते रहेंगे।
बिना होलोग्राम वाली शराब बिक्री का मामला आया सामने
विधायक अनुज शर्मा ने अपने पहले सवाल में माननीय आबकारी मंत्री से पूछा कि क्या धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम लालपुर स्थित शराब दुकान में 13 जून 2025 को बिना होलोग्राम तथा मिलावटी शराब की बिक्री की शिकायत प्राप्त हुई थी?
जवाब में माननीय आबकारी मंत्री ने शिकायत की पुष्टि करते हुए बताया कि राज्य स्तरीय उड़नदस्ता द्वारा जांच के दौरान बिना होलोग्राम व मिलावटी शराब के साथ वित्तीय अनियमितताएं पाई गईं। जांच के बाद प्लेसमेंट एजेंसी के दोषी कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया और संबंधित विभागीय अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई है।
यह मामला क्षेत्र में शराब बिक्री में पारदर्शिता और उपभोक्ता सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ग्राम नकटी (सम्मानपुर) में भूमि नोटिस पर उठाया सवाल
अपने दूसरे सवाल में विधायक ने माननीय राजस्व मंत्री से पूछा कि क्या ग्राम नकटी (सम्मानपुर) में शासकीय भूमि पर कब्जा करने वालों को नोटिस जारी किया गया था?
इसके उत्तर में मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी योजना के लिए अधिसूचना या आरक्षण जारी नहीं हुआ है, लेकिन छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड द्वारा षष्ठम विधानसभा के जनप्रतिनिधियों के लिए भूमि की मांग की गई थी।
यह मामला गांववासियों के बीच चिंता का विषय रहा है, क्योंकि नोटिस के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बना था। विधायक ने स्पष्टता की मांग की थी जिससे भविष्य में भूमि विवाद या विस्थापन की स्थिति न बने।
मोहरेंगा नेचर सफारी की वन संपदा और कर्मचारियों की जानकारी मांगी
विधायक अनुज शर्मा ने तीसरे प्रश्न में धरसींवा क्षेत्र में स्थित मोहरेंगा नेचर सफारी को लेकर विस्तार से जानकारी मांगी। उन्होंने पूछा कि वहाँ कितने कर्मचारी कार्यरत हैं, कौन-कौन से वृक्ष और वन्यप्राणी पाए जाते हैं, और क्या किसी प्रकार की अवैध कटाई या परिवहन की शिकायत प्राप्त हुई है?
जवाब में मंत्री ने बताया कि सफारी में वर्तमान में 1 नियमित वनपाल, 1 नियमित वनरक्षक और 10 दैनिक वेतनभोगी श्रमिक कार्यरत हैं। कोई भी संविदा कर्मचारी वहां कार्यरत नहीं है।
वन क्षेत्र में साजा, खैर, तेन्दू, सागौन, बीजा, महुआ, चार, कुसुम, बहेड़ा, धावड़ा, आंवला, बांस जैसी मूल्यवान व औषधीय वनस्पतियां पाई जाती हैं। हालांकि, वृक्षों और वन्यप्राणियों की गणना अब तक नहीं की गई है। साथ ही मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि कोई भी अवैध कटाई या परिवहन की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।
धरसींवा की जनता की आवाज़ बन रहे हैं विधायक अनुज शर्मा
इन तीनों सवालों से यह स्पष्ट है कि विधायक अनुज शर्मा क्षेत्र की जनता से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से उठाते हैं। चाहे वह शराब में मिलावट का मामला हो या ग्रामवासियों की भूमि की सुरक्षा, अथवा वन संपदा की निगरानी और संरक्षण – हर विषय पर उनकी सजगता दिखी।
विधायक ने अपने वक्तव्य में कहा –
“जनता की आवाज़ उठाना मेरा कर्तव्य है। आगे भी धरसींवा क्षेत्र के लोगों के हित में हर आवश्यक विषय को सदन में उठाता रहूंगा।”
उनकी सक्रियता को लेकर क्षेत्र की जनता में भी सकारात्मक संदेश गया है और उम्मीद है कि ये मुद्दे वास्तविक समाधान और सुधार की दिशा में कदम बनेंगे।
