बलरामपुर-रामानुजगंज में सड़क हादसे में घायल लघु वनोपज सहकारी समिति के प्रबंधक की मौत हो गई, परिजनों में शोक की लहर।
बलरामपुर।छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां एक सड़क हादसे में घायल लघु वनोपज सहकारी समिति के प्रबंधक की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह हादसा कुछ दिन पहले हुआ था, जब प्रबंधक मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे और तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी थी।
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घटना के बाद उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। अब यह हादसा पूरे जिले में शोक और चिंता का विषय बन गया है।
हादसा कैसे हुआ
मृतक की पहचान शिवकुमार यादव (उम्र 45 वर्ष) के रूप में हुई है, जो बलरामपुर के समीपस्थ ग्राम पंचायत अंतर्गत लघु वनोपज सहकारी समिति में बतौर प्रबंधक कार्यरत थे। वे ड्यूटी के बाद अपने गांव लौट रहे थे। तभी तेज रफ्तार से आ रही एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि शिवकुमार यादव कुछ मीटर दूर जाकर गिर पड़े और उनके सिर में गंभीर चोट आई। स्थानीय लोगों ने तत्काल एंबुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया था। वहां दो दिनों तक उनका इलाज चला, लेकिन शनिवार देर रात उनकी मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया है। स्थानीय लोग शिवकुमार को बेहद ईमानदार और सरल स्वभाव का व्यक्ति बताते हैं।
परिवार की स्थिति और मदद की मांग
मृतक शिवकुमार यादव अपने पीछे पत्नी, दो बच्चे और बूढ़े माता-पिता को छोड़ गए हैं। उनके जाने से परिवार की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है। परिजनों ने प्रशासन से आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी की मांग की है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से मांग की है कि मृतक के बच्चों की पढ़ाई और जीवन यापन के लिए आवश्यक सहायता प्रदान की जाए।
पुलिस जांच में जुटी
घटना के बाद अज्ञात वाहन फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भादंवि की धारा 279, 337 और 304A के तहत मामला दर्ज किया है। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर वाहन और चालक की पहचान की जा रही है।
थाना प्रभारी ने कहा,
वन विभाग और समिति की प्रतिक्रिया
लघु वनोपज सहकारी समिति और वन विभाग के अधिकारियों ने भी घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि शिवकुमार की जगह कोई नहीं ले सकता। वह अपने काम के प्रति निष्ठावान थे और विभाग को उनकी कमी हमेशा खलेगी।
समिति प्रबंधन की ओर से भी मृतक के परिवार को एकमुश्त सहायता राशि देने की घोषणा की गई है।
स्थानीय लोगों की मांग
स्थानीय ग्रामीणों और कर्मचारियों ने प्रशासन से सड़क पर यातायात नियंत्रण के उपाय करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि उस मार्ग पर आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
निष्कर्ष नहीं – लेकिन आगे की मांगें
यह हादसा एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि सड़क सुरक्षा अब भी प्रशासनिक प्राथमिकताओं में क्यों नहीं है। एक समर्पित कर्मचारी की मौत ने न केवल एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि पूरे विभाग को झकझोर कर रख दिया।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बार कुछ सीखेगा? या फिर अगली दुर्घटना तक इंतज़ार करेगा?
