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एमएसपी प्लांट में श्रमिक की संदिग्ध हालत में मौत

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 31 July 2025


जामगांव स्थित एमएसपी प्लांट के लेबर क्वार्टर में एक ठेका श्रमिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, पुलिस जांच में जुटी है।


जामगांव।छत्तीसगढ़ के जामगांव स्थित एमएसपी प्लांट से एक दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। प्लांट के लेबर क्वार्टर में कार्यरत एक ठेका श्रमिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही प्लांट में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी है

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घटना का विवरण

घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। मृतक की पहचान रामकुमार पटेल (उम्र लगभग 32 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पिछले दो साल से एमएसपी प्लांट में ठेके पर काम कर रहा था। वह प्लांट परिसर स्थित लेबर क्वार्टर में रहता था।

प्लांट कर्मचारियों के अनुसार, रामकुमार सामान्य रूप से ड्यूटी करता था और उसके किसी से किसी तरह के विवाद की भी कोई खबर नहीं थी। लेकिन शुक्रवार को वह अचानक अपने कमरे में मृत पाया गया।

प्लांट प्रशासन की भूमिका पर सवाल

मृतक के साथियों ने आरोप लगाया है कि प्लांट प्रशासन ने इस घटना को दबाने की कोशिश की और पुलिस को देर से सूचना दी। साथ ही मृतक के परिवार को भी घटना के घंटों बाद जानकारी दी गई।

प्लांट कर्मचारियों ने यह भी बताया कि क्वार्टरों की हालत बेहद खराब है और वहां रहने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इससे पहले भी बीमारियों और दुर्घटनाओं की घटनाएं हो चुकी हैं।

पुलिस जांच में जुटी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

घटना की सूचना मिलने पर पाटीदार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

पुलिस अधीक्षक ने मीडिया को बताया,

परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

मृतक के परिजनों ने प्लांट प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि रामकुमार ने कई बार क्वार्टर की हालत और अस्वस्थता की शिकायत की थी, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। परिजनों ने मांग की है कि इस मामले की न्यायिक जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।

प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

यह घटना एमएसपी प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। जहां एक तरफ राज्य सरकार उद्योगों में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की बात करती है, वहीं ऐसे हादसे प्रशासन की लापरवाही को उजागर करते हैं।

कर्मचारी यूनियन ने इस घटना को लेकर विरोध दर्ज कराया है और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि जब तक इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक काम बंद रहेगा।

स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया

जिला प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। SDM स्तर के अधिकारी को जांच सौंप दी गई है, जो प्लांट प्रबंधन, कर्मचारियों और मृतक के परिजनों से बातचीत कर रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

औद्योगिक क्षेत्र में लगातार हो रही घटनाएं

एमएसपी प्लांट में यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार दुर्घटनाएं, विस्फोट और श्रमिकों की मृत्यु के मामले सामने आ चुके हैं। लेकिन अब तक कोई ठोस सुधार नहीं किया गया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सुरक्षा मानकों और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता न दी गई, तो ऐसी घटनाएं लगातार होती रहेंगी।

आगे की कार्रवाई

पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह मौत किसी जहरीली गैस, हार्ट अटैक या आत्महत्या का मामला है। मृतक के मोबाइल और क्वार्टर से मिले सामानों को जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है।

समाप्ति

रामकुमार की अचानक और संदिग्ध हालात में मौत ने न केवल उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि प्लांट के अन्य श्रमिकों में भी डर का माहौल पैदा कर दिया है। अब सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रशासनिक जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

यदि जल्द न्यायिक जांच और उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला बड़ा विरोध का रूप ले सकता है।

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