स्कूल वैन के पलटने से बड़ा हादसा टल गया, कई बच्चे घायल, बीईओ और पालक मौके पर पहुंचे, जांच में जुटा प्रशासन।
बलरामपुर । छत्तीसगढ़ आज सुबह स्कूल जाने के समय एक बड़ा हादसा टल गया जब स्कूली बच्चों को ले जा रही एक वैन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में वैन में सवार कई बच्चे घायल हो गए। गनीमत रही कि किसी की जान नहीं गई। हादसे की सूचना मिलते ही बच्चों के परिजन मौके पर पहुंच गए, वहीं जिला शिक्षा अधिकारी (BEO) ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा उस समय हुआ जब स्कूल वैन एक सकरे मोड़ से गुजर रही थी। ड्राइवर का वाहन पर से नियंत्रण हट गया, और वैन सड़क किनारे पलट गई। वैन में कुल 14 बच्चे सवार थे, जिनमें से 6 को हल्की चोटें आईं, जबकि 2 को अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए भर्ती कराया गया है।
स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता दी।
घटना के बाद हड़कंप
हादसे की खबर लगते ही स्कूल प्रबंधन और पालकों में हड़कंप मच गया। घायल बच्चों को नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्चों को कोई गंभीर चोट नहीं आई है।
बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है और सभी को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है।
BEO और प्रशासन की सक्रियता
घटना की गंभीरता को देखते हुए ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO) तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घायल बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा स्कूल प्रबंधन से दुर्घटना की जानकारी ली।
BEO ने कहा,
“हम इस मामले की जांच कर रहे हैं। यदि वैन चालक की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
वैन की स्थिति और सुरक्षा उपायों पर सवा
प्रत्यक्षदर्शियों और अभिभावकों ने बताया कि स्कूल वैन की स्थिति पहले से ही ठीक नहीं थी। टायर घिसे हुए थे और नियमित मेंटेनेंस नहीं किया जा रहा था।
अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर कैसे बिना फिटनेस और सुरक्षा जांच के इस तरह की वैनें बच्चों को स्कूल ले जाने की अनुमति पा रही हैं?
अभिभावकों का गुस्सा
घटना के बाद कई पालकों ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। उनका कहना है कि स्कूल केवल फीस वसूलने में आगे रहते हैं, लेकिन बच्चों की सुरक्षा को लेकर लापरवाह रहते हैं।
एक अभिभावक ने कहा:
“हम हर दिन अपने बच्चों को सुरक्षित स्कूल भेजते हैं, लेकिन जब स्कूल ही गैरजिम्मेदार हो, तो भरोसा कैसे करें?”
स्कूल प्रबंधन का बयान
स्कूल के प्रधानाचार्य ने हादसे पर खेद जताया और बताया कि घायल बच्चों के इलाज का पूरा खर्च स्कूल वहन करेगा। साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही की पुनरावृत्ति नहीं होगी।
प्रशासन करेगा जां
प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी निजी स्कूल वैनों की फिटनेस, बीमा और ड्राइवर के लाइसेंस की जांच करें।
अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई भी स्कूल वैन बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुनरावृत्ति रोकने के उपाय जरूरी
इस हादसे ने एक बार फिर स्कूल ट्रांसपोर्ट की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार और शिक्षा विभाग को इस दिशा में सख्त गाइडलाइन और उनकी सख्ती से निगरानी करने की जरूरत है।
अंत में (निष्कर्ष नहीं, चेतावनी):
यह हादसा भले ही एक बड़ा नुकसान होने से बच गया, लेकिन यह एक चेतावनी है कि यदि समय रहते स्कूल परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया गया, तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
बच्चों की सुरक्षा से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
