छत्तीसगढ़ में एक महिला ने लोन दिलाने का झांसा देकर कई महिलाओं से 50 लाख रुपये ठगे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
रायपुर ।राजधानी रायपुर से एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है, जहां एक शातिर महिला ने लोन दिलाने का झांसा देकर लगभग दर्जनों महिलाओं से कुल 50 लाख रुपये की ठगी कर ली और फरार हो गई। घटना के बाद पीड़ित महिलाओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।
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ठगी का तरीका: विश्वास का जाल और झूठे दस्तावेज
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी महिला खुद को एक निजी फाइनेंस कंपनी का एजेंट बताकर लोगों से संपर्क करती थी। उसने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि वह बैंक और अन्य निजी संस्थानों से आसान किस्तों में बड़ी रकम का लोन दिला सकती है।
महिलाओं को लुभाने के लिए उसने फर्जी दस्तावेज, प्रोसेसिंग फीस की रसीदें और कॉल रिकॉर्डिंग जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया जिससे वे पूरी तरह झांसे में आ गईं। एक बार जब रकम ट्रांसफर हो जाती थी, वह गायब हो जाती थी और मोबाइल नंबर बंद कर देती थी।
महिलाओं को बनाया शिकार, एक समूह को निशाना
जानकारी के अनुसार आरोपी महिला ने महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को अपना मुख्य निशाना बनाया। उसने उन्हें समूह में लोन दिलाने की बात कही और प्रत्येक सदस्य से 20,000 से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूले। कुछ पीड़ित महिलाओं ने अपने गहने गिरवी रखकर और उधार लेकर पैसा दिया।
थाने में एक के बाद एक दर्ज हुई शिकायतें
पहली शिकायत रायपुर के टिकरापारा थाना में दर्ज हुई। जब महिलाओं को लोन नहीं मिला और आरोपी से संपर्क नहीं हुआ, तब उन्हें शक हुआ। उसके बाद अन्य पीड़ित भी सामने आए और मामले की गंभीरता बढ़ गई।
पुलिस अधिकारी का बयान:
“हमने आरोपी महिला के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (धोखाधड़ी) और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। महिला की पहचान कर ली गई है और उसे पकड़ने के लिए टीम गठित की गई है।”
बैंक और फाइनेंस कंपनियों से मांगी जानकारी
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आरोपी महिला का किसी भी अधिकृत बैंक या रजिस्टर्ड फाइनेंस कंपनी से कोई संबंध नहीं है। वह फर्जी कागजों और नामों का सहारा लेकर लोगों को गुमराह कर रही थी।
ठगी की रकम और संख्या बढ़ सकती है
अभी तक जो 50 लाख रुपये की ठगी सामने आई है, वह केवल प्रारंभिक आंकड़ा है। पुलिस का मानना है कि और भी कई महिलाएं इस गिरोह की शिकार हुई होंगी, जो अभी सामने नहीं आई हैं।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई और भी इस महिला की ठगी का शिकार हुआ हो तो नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
फरार आरोपी की तलाश में दबिश
पुलिस की एक टीम आरोपी के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर के अलावा पड़ोसी राज्यों की पुलिस को भी अलर्ट किया गया है।
क्या कहती हैं विशेषज्ञ और प्रशासनिक संस्थाएं?
वित्तीय विशेषज्ञों और बैंक अधिकारियों का कहना है कि लोन लेने से पहले किसी भी एजेंट की पूरी जानकारी करें। कोई भी बैंक बिना उचित दस्तावेज और प्रक्रिया के लोन नहीं देता, और प्रोसेसिंग फीस का भुगतान बैंक खाते में ही होता है, नकद नहीं।
जनता के लिए चेतावन
पुलिस ने जनता को आगाह किया है कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा लोन दिलाने के नाम पर मांगे गए पैसे या दस्तावेजों से सतर्क रहें। ठगों की यह नई तरकीब सोशल मीडिया और मोहल्ला नेटवर्क के जरिए फैल रही है, जिससे आम लोग आसानी से फंस रहे हैं।
निष्कर्ष:
छत्तीसगढ़ में सामने आया यह फ्रॉड केस महिलाओं की वित्तीय सुरक्षा और जागरूकता की कमी को दर्शाता है। ठग महिला की गिरफ्तारी से मामले में और खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में लगातार जुटी है और उम्मीद है कि जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।





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