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कार में गांजा तस्करी करते पकड़े गए तीन आरोपी

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 28 July 2025

छत्तीसगढ़ में महिला समेत तीन लोग गांजा तस्करी करते पकड़े गए। कोर्ट ने सभी को दोषी मानते हुए 5-5 साल की सजा सुनाई।

रायपुर।छत्तीसगढ़ में नशे के खिलाफ अभियान के तहत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में अब अदालत ने सभी आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच साल की सजा सुनाई है।

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यह मामला नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज एक्ट (NDPS Act) के तहत दर्ज किया गया था और अभियोजन ने सभी आवश्यक सबूत और गवाह कोर्ट में पेश किए, जिसके बाद यह सजा सुनाई गई।

पूरा मामला क्या था?

यह घटना राजनांदगांव जिले की है, जहां पुलिस को सूचना मिली थी कि एक कार में भारी मात्रा में गांजा की तस्करी की जा रही है।

सूचना के आधार पर पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर घेराबंदी की और संदिग्ध कार को रोका। कार की तलाशी लेने पर उसमें से करीब 25 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

कार में तीन लोग सवार थे — जिनमें से एक महिला भी शामिल थी।

गिरफ्तारी और पूछताछ

तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि वे यह गांजा उड़ीसा से लेकर महाराष्ट्र ले जा रहे थे।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

कोर्ट की सुनवाई और फैसला

मामला जब जिला एवं सत्र न्यायालय में पहुंचा तो अभियोजन पक्ष ने अदालत में गांजा की बरामदगी, पुलिस की कार्रवाई, और गवाहों के बयानों के साथ मजबूत तर्क रखे।

अदालत ने पाया कि:

  • बरामद गांजा की मात्रा व्यावसायिक श्रेणी में आती है।
  • आरोपियों के पास कोई वैध दस्तावेज या अनुमति नहीं थी।
  • आरोपियों ने अपराध स्वीकार नहीं किया, लेकिन पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य पर्याप्त थे।

इस आधार पर कोर्ट ने तीनों आरोपियों को 5-5 साल की सश्रम सजा और आर्थिक दंड से दंडित किया।

महिला तस्कर पर विशेष टिप्पणी

कोर्ट ने कहा कि अपराध में महिला की संलिप्तता यह दिखाती है कि नशे का कारोबार अब पारिवारिक दायरे तक पहुंच चुका है, जो बेहद चिंता का विषय है।
सजा में किसी तरह की नरमी नहीं बरती गई, यह दर्शाता है कि अदालतें नशीली पदार्थों के मामलों में गंभीरता से रुख अपना रही हैं।

NDPS एक्ट और इसकी सख्ती

NDPS (Narcotic Drugs and Psychotropic Substances) Act, 1985 भारत में नशे की वस्तुओं के निर्माण, वितरण और उपयोग को नियंत्रित करने वाला कानून है।
इस कानून के तहत:

  • 20 किलो से अधिक गांजा मिलने पर यह व्यावसायिक मात्रा मानी जाती है।
  • दोष सिद्ध होने पर 10 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
  • जमानत की संभावना बहुत सीमित होती है।

पुलिस और प्रशासन का बयान

राजनांदगांव पुलिस ने इस कार्रवाई को नशे के खिलाफ बड़ी सफलता बताया है। अधिकारियों ने कहा कि वे आगे भी इसी तरह इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशन चलाते रहेंगे ताकि राज्य में नशे का कारोबार खत्म किया जा सके।

नशा तस्करी की बढ़ती घटनाएं

छत्तीसगढ़ जैसे राज्य, जो आदिवासी क्षेत्रों से घिरे हैं, अक्सर उड़ीसा, आंध्र प्रदेश और झारखंड जैसे राज्यों से होकर गुजरने वाले तस्करों का रूट बन जाते हैं।
गांजा और अन्य नशीली वस्तुएं यहां से होते हुए उत्तर भारत, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश भेजी जाती हैं।

निष्कर्ष

यह मामला छत्तीसगढ़ पुलिस की मुस्तैदी और न्यायपालिका की तत्परता का उदाहरण है। गांजा जैसी मादक वस्तु की तस्करी न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि समाज की जड़ों को भी खोखला करता है।
कोर्ट का यह फैसला यह संदेश देता है कि कानून किसी को भी नहीं बख्शेगा, चाहे वह पुरुष हो या महिला।

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