ब्रिटिश परिवारों का दावा: DNA मिलान में दो शव गलत निकले; भारत-UK मिलकर जांच में जुटे, शवों की पहचान में उच्च सावधानी बरती गई
🛩️ पृष्ठभूमि
12 जून 2025 को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, एक Boeing 787‑8 Dreamliner, लंदन गेटविक के लिए रवाना हुई। लेकिन, टेकऑफ़ के 30–33 सेकेंड बाद विमान इंजनों में ईंधन कटौती के चलते नियंत्रण खो बैठा और बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में सभी 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य मारे गए, वहीँ जमीन पर 19 और लोग घायल हुए। एक ही यात्री, ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश, अकेला जीवित बचा था ।
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🤯 ब्रिटिश परिवारों की नई पीड़ा
लंदन में रहने वाले दो ब्रिटिश परिवारों ने दावा किया है कि उन्हें जो शव लौटाए गए, वे उनके प्रियजनों के नहीं थे।
- DNA परीक्षण में स्पष्ट हुआ कि कम से कम दो केस में जो कास्केट UK परिवारों के पास गया था, उसमें मिली DNA प्रोफ़ाइल सही नहीं थी ।
- एक परिवार को कोई अपरिचित शव प्राप्त हुआ, जिसके कारण उनका अंतिम संस्कार रद्द करना पड़ा।
- दूसरी ओर, एक कास्केट में अलग-अलग पीड़ितों की “commingled” या मिश्रित अस्थियाँ थीं, जिन्हें बाद में अलग किया गया।
👨👩👧👦 परिवारों का दर्द
केस्टोन लॉ के वकील जेम्स हीली‑प्रैट ने कहा,
“मैं इन प्यारे ब्रिटिश परिवारों के घरों में बैठ चुका हूँ… लेकिन कुछ को गलत अस्थियां मिली हैं और वे पूरी तरह से टूट चुके हैं… उन्हें उत्तर मिलने का हक है।” (The Economic Times, The Guardian)
उनके अनुसार, एक परिवार का अंतिम संस्कार इसलिए आगे नहीं बढ़ा क्योंकि शव उनकी अपेक्षाओं से मेल नहीं खाता था।
🏥 भारत सरकार और एयर इंडिया की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैस्वाल ने कहा:
- “पहचान प्रोटोकॉल और तकनीकी जरूरतों के अनुसार पूरी सावधानी बरती गई।”
- “शवों को उच्चतम पेशेवर रवैये और मरने वालों की गरिमा का ध्यान रखते हुए संभाला गया।”
- “हम UK अधिकारियों के साथ मिलकर समस्या का समाधान और जवाबदेही सुनिश्चित कर रहे हैं।”
सरकारी सूत्रों ने बताया कि इतने बड़े हादसों में DNA प्रभावित हो सकते हैं; कई बार अस्थियाँ मेल न खाने का कारण ‘tissue fusion’ भी हो सकता है।
एयर इंडिया ने स्पष्ट किया कि शव पहचान और पैकेजिंग का काम अहमदाबाद के सरकार के सिविल अस्पताल और Kenyon International Emergency Services ने किया था; एयर इंडिया केवल शिपिंग में सहायता करती थी, न कि पहचान में सीधे तौर पर शामिल थी ।
🔬 DNA मिलान और वैज्ञानिक चूक
- DNA परीक्षण अहमदाबाद सिविल अस्पताल की टीम ने किया।
- लगभग 12–13 पीड़ितों की अस्थियाँ UK भेजी गईं, जिनमें से दो मामलों में गलत शव मिले ।
- मिलान ब्रिटेन में कोरनर (Dr Fiona Wilcox) द्वारा परिवार द्वारा दिए गए DNA सैंपल से किया गया )।
- भारतीय टीम में लगभग 40 अधिकारी और 50 से ज्यादा विशेषज्ञ (फोरेंसिक, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, पाथोलॉजी) शामिल रहे ।
⚖️ जांच, न्याय और अगली कार्रवाई
- ब्रिटिश परिवारों ने UK तथा भारत में कानूनी और न्यायिक रास्ता अपनाया है। केस्टोन लॉ उनकी ओर से निष्पक्षता और जवाबदेही की मांग कर रहा है।
- भारत सरकार ने UK-India संयुक्त टीम बनाएगी ताकि प्रभावित शवों की पहचान, पुनर्स्थापन प्रक्रिया, और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
- मृतकों की संख्या और उच्च प्रोफाइल केस होने के कारण यह मुद्दा राजनीतिक, कांसुलेयर, और स्वास्थ्य मानदंडों को जोड़कर उठाया गया है।
🔎 टेक्निकल कारण और AAIB की चेतावनी
- Preliminary AAIB रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि टेकऑफ़ के कुछ सेकंड बाद दोनों इंजन के ईंधन स्विच “RUN” से “CUTOFF” मोड में चले गए, जिससे ईंधन आपूर्ति बंद हो गई और विमान गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया ।
- कॉकपिट वॉयस रिकॉडिंग में सह-पायलट क्लाइव कुंडर ने पूछा, “Why did you cut off?” जबकि कप्तान सुमीत सभरवाल ने इसका जवाब देने से इनकार किया ।
- US और UK की एजेंसियाँ संभावित गड़बड़ी, मानव त्रुटि या जानबूझकर आकस्मिक कार्रवाई की जाँच कर रही हैं; इंडिया AAIB ने चेताया है कि बिना पुष्ट सूचना मीडिया अटकलों से बचे ।
🌏 राजनयिक-मानवता और वैश्विक दबाव
- भारत और UK के बीच पीएम मोदी और PM Starmer अपनी राजकीय यात्रा के दौरान आपसी सहयोग को लेकर सहमत हैं; इस मुद्दे ने द्विपक्षीय संबंधों को चैलेंज किया है ।
- UK की Foreign Office की कुछ राय रहे कि सहानुभूति, सहायता और पारदर्शिता की कमी महसूस हुई ।
- ब्रिटिश सांसद जन शिवानी राजा ने यह मामला संसद में उठाया है।
⚠️ आगे की चुनौतियां
| मुद्दा | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| शेष शवों की जांच | जारी — अब तक 12–13 रिटर्न किए गए |
| DNA सत्यापन | UK कोरनर ने शुरू किया |
| तकनीकी जांच | AAIB + FAA + NTSB + UK एजेंसियाँ |
| कानूनी दबाव | ब्रिटिश परिवार वकीलों के साथ जिम्मेदारी तय करेंगे |
| सार्वजनिक संदेह | मीडिया ने “cover-up” शक जताया, अधिकारियों ने कड़ा विरोध किया |
सटीक निष्कर्ष (वरिष्ठ विश्लेषण)
ब्रिटिश परिवारों द्वारा गलत शवों की वापसी का हृदय विदारक आरोप है, जिसने हादसे के तकनीकी पहलुओं से अलग एक मानवीय दायित्व को सामने ला दिया है। भारत सरकार और एयर इंडिया ने DNA‑परीक्षण और कांसुलेर केयर को लेकर उच्च स्तर की सावधानी का दावा किया है। लेकिन यह जांच अभी प्रारंभिक चरण में है—स्थानीय और अंतरार्ष्ट्रीय जांच जारी हैं, ओवरसाइट मांग की जा रही है, और अहम सवाल हैं: क्यों हुई पहचान में चूक और उसे कैसे सुधारेंगे?
