उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारण बताए पर उनसे पहले बिना सूचना के राष्ट्रपति भवन पहुंचकर इस्तीफ़ा सौंपा—राजनीतिक व राजनीतिक सवाल तेज।
भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अचानक इस्तीफ़ा दे दिया, लेकिन उससे पहले उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से औपचारिक नहीं हुई मुलाक़ात की, जिसकी पुष्टि कई रिपोर्टों से हुई है ।
🕘 रात 9 बजे की अनौपचारिक मुलाक़ात
- रात 9 बजे के लगभग दबाव में, धनखड़ बिना पूर्व सूचना के राष्ट्रपति भवन पहुंचे।
- इस अचानक उपस्थिति ने भवन के कर्मचारियों में अव्यवस्था और खलबली मचा दी ।
- संभवतः यह मुलाक़ात इस्तीफ़े की तैयारी और औपचारिकता की दिशा में पहला संकेत थी।
📝 इस्तीफ़े का ऐलान — स्वास्थ्य को बताया प्राथमिकता
- 21 जुलाई की रात राष्ट्रपति मुर्मु को इस्तीफ़ा सौंपा गया।
- आधे घंटे बाद, अपने आधिकारिक X (ट्विटर) पर उन्होंने लिखा: “स्वास्थ्य देखभाल और चिकित्सीय सलाह को प्राथमिकता देने के लिए, मैं तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफ़ा देता हूँ…” — संविधान के अनुच्छेद 67(a) के हवाले से (।
- उनकी उम्र इस समय 74 वर्ष है, और उनका कार्यकाल अगस्त 2027 तक था ।
⚡️ राजनीतिक धरना—राज्यसभा की सत्र में सनसनी
- यह इस्तीफ़ा मौनसून सत्र के पहले ही दिन आया—जिससे पूरे राजनीतिक माहौल में भारी तहलका मच गया ।
- उपराष्ट्रपति होने के नाते वह राज्यसभा के अध्यक्ष भी थे—अनपेक्षित इस्तीफ़े से संसद के सुचारू संचालन पर प्रश्न उठे )।
🤔 सवाल उठता है—क्या सच में स्वास्थ्य था मुद्दा?
- कांग्रेस नेता ने दावा किया कि स्वास्थ्य केवल बहाना है—बड़ी राजनीतिक गहराई है ।
- इस्तीफ़े का असली कारण मध्यस्थता या उसपर आधारित इस्तीफ़ा—सभी तरफ़ संदेह है।
🔍 क्या थी आदान-प्रदान की वजह?
- बताया जा रहा है कि धनखड़ ने न्यायाधीश यशवंत वर्मा के इमपीचमेंट पत्र को राज्यसभा में भेजने की घोषणा पर जोर दिया।
- गृह मंत्रालय ने यह कदम राज्यसभा में नहीं, बल्कि लोकसभा में बुलाने के पक्ष में था ।
- इसके चलते, सत्ता-समुच्चय और विपक्ष में टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई।
⏳ स्पष्टता के लिए सरकार से अनुरोध
- इस्तीफ़ा आने के बाद दो घटनाएँ हुईं:
- प्रधानमंत्री का X पर घोषणा १५ घंटे बाद,
- राष्ट्रपति भवन में तुरन्त इस्तीफ़ा स्वीकृति और गज़ट में प्रकाशित होना ।
- इन दोनों ने संकेत दिए कि यह केवल स्वास्थ्य-सम्बंधित इस्तीफ़ा नहीं था।
🎯 अब आगे क्या?
| कदम | विवरण |
|---|---|
| 🌐 उपराष्ट्रपति चुनाव | निर्वाचन आयोग चुनाव की तैयारी शुरू कर चुका है । |
| 📜 राज्यसभा स्थान | अध्यक्ष की अनुपस्थिति में कार्यवाही प्रभावित हो सकती है—नए अध्यक्ष का चयन होगा। |
| 🕵️ जांच | इस्तीफ़े के राजनीतिक कारणों पर अध्यक्ष की भूमिका, माध्यम इंटरफेरेंस आदि को लेकर जांच की संभावना है। |
✅ निष्कर्ष
जगदीप धनखड़ का निर्णय राजनीतिक हलकों में सवाल खड़े करता है: क्या एक गंभीर स्वास्थ्य निर्णय था, या सत्ता के भीतर उठी किसी मनमुटाव की ऊँची आवाज़?
राष्ट्रपति भवन की अचानक मुलाक़ात, तीव्र इस्तीफ़ा… ये संकेत देते हैं कि राजनीति में गहरी सवाल खड़े हो रहे हैं। लेकिन सबूत न होने तक, यह केवल अटकलों की परतें ही हैं।
