सूरजपुर में प्रगणकों को डिजिटल डेटा संग्रह का प्रशिक्षण, 1 मई से घर-घर सर्वे शुरू होगा, प्रशासन ने पारदर्शी और सटीक जानकारी जुटाने की तैयारी
सूरजपुर। जिले में आगामी डिजिटल सर्वे और जनगणना कार्य की तैयारी को लेकर प्रगणकों को फील्ड ट्रेनरों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशासन द्वारा आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रगणकों को घर-घर जाकर डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रह की प्रक्रिया समझाई जा रही है। यह डिजिटल डेटा संग्रहण कार्य 1 मई से शुरू किया जाएगा। 📊
जिला प्रशासन सूरजपुर के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रगणकों को तकनीकी जानकारी के साथ-साथ फील्ड में आने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने के उपाय भी बताए जा रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य डेटा संग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाना है।
डिजिटल माध्यम से होगा डेटा संग्रह
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस बार डेटा संग्रह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा। इसके तहत प्रगणकों को मोबाइल एप और टैबलेट के माध्यम से जानकारी दर्ज करनी होगी।
डिजिटल डेटा संग्रह में निम्न जानकारी शामिल होगी:
- परिवार की जानकारी
- जनसंख्या विवरण
- आवास संबंधी जानकारी
- सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति
- मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता
इससे डेटा अधिक सटीक और व्यवस्थित तरीके से संकलित किया जा सकेगा। 📱
फील्ड ट्रेनरों द्वारा दिया जा रहा प्रशिक्षण
फील्ड ट्रेनरों ने प्रगणकों को घर-घर सर्वेक्षण की प्रक्रिया विस्तार से समझाई। प्रशिक्षण में निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया:
- मोबाइल एप का उपयोग
- डेटा एंट्री प्रक्रिया
- जानकारी की पुष्टि
- तकनीकी समस्याओं का समाधान
- गोपनीयता और सुरक्षा मानक
प्रगणकों को यह भी बताया गया कि सर्वेक्षण के दौरान नागरिकों से विनम्रता से संवाद करें और सही जानकारी प्राप्त करें।
1 मई से शुरू होगा सर्वे
अधिकारियों ने बताया कि 1 मई से डिजिटल डेटा संग्रह का कार्य शुरू किया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। प्रशिक्षित प्रगणक निर्धारित क्षेत्रों में जाकर घर-घर जानकारी एकत्र करेंगे।
इस कार्य के लिए प्रशासन ने समय सीमा भी तय की है, ताकि निर्धारित समय में सर्वे पूरा किया जा सके। 🗂️
प्रशासन ने दिए निर्देश
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने सभी प्रगणकों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेटा संग्रहण कार्य विकास योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
विकास योजनाओं में मिलेगा लाभ
डिजिटल डेटा संग्रह से सरकार को क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आंकलन करने में मदद मिलेगी। इसके आधार पर:
- नई योजनाएं बनाई जाएंगी
- संसाधनों का बेहतर वितरण होगा
- विकास कार्यों को प्राथमिकता मिलेगी
इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विकास को गति मिलेगी।
प्रतिभागियों ने पूछे सवाल
प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रगणकों ने कई सवाल पूछे, जिनका फील्ड ट्रेनरों ने समाधान किया। साथ ही प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे प्रगणक डिजिटल उपकरणों का उपयोग बेहतर तरीके से कर सकें।
आगे भी जारी रहेगा प्रशिक्षण
प्रशासन ने बताया कि अन्य क्षेत्रों में भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि सभी प्रगणकों को पर्याप्त जानकारी मिल सके। 🌟
इस पहल को डिजिटल प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है और उम्मीद है कि इससे डेटा संग्रहण प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी।





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