उत्तर बस्तर कांकेर में 15 रेत खदान संचालित, 76 लाख 62 हजार रुपये की रॉयल्टी प्राप्त, अवैध उत्खनन रोकने प्रशासन की सख्त निगरानी
उत्तर बस्तर कांकेर। जिले में खनिज संसाधनों के व्यवस्थित उपयोग और राजस्व बढ़ाने की दिशा में प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिले में वर्तमान में 15 रेत खदानों का संचालन किया जा रहा है, जिनसे अब तक 76 लाख 62 हजार रुपये की रॉयल्टी प्राप्त हुई है। यह जानकारी प्रशासन द्वारा जारी रिपोर्ट में सामने आई है।
रेत खदानों से बढ़ा राजस्व
जिला प्रशासन के अनुसार जिले में संचालित रेत खदानों से नियमित रूप से राजस्व प्राप्त हो रहा है। इन खदानों के माध्यम से निर्माण कार्यों के लिए रेत की आपूर्ति भी सुनिश्चित की जा रही है, जिससे अवैध उत्खनन पर नियंत्रण लगाने में मदद मिल रही है।
अधिकारियों ने बताया कि खदानों का संचालन निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत किया जा रहा है। साथ ही राजस्व की नियमित निगरानी भी की जा रही है ताकि किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
15 रेत खदानों का संचालन
जिले में अलग-अलग क्षेत्रों में कुल 15 रेत खदानों का संचालन किया जा रहा है। इन खदानों से स्थानीय निर्माण कार्यों के लिए रेत की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि खदानों के संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। मजदूरों और वाहन चालकों को काम मिल रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। 🚜
अवैध उत्खनन पर निगरानी
प्रशासन द्वारा अवैध रेत उत्खनन को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम नियमित निरीक्षण कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि अवैध उत्खनन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही वाहनों की जांच कर वैध दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
निर्माण कार्यों को मिल रही सुविधा
रेत खदानों के संचालन से जिले में निर्माण कार्यों को भी गति मिली है। सरकारी भवन, सड़क और अन्य विकास कार्यों के लिए रेत की उपलब्धता आसान हो गई है।
इससे निर्माण कार्यों में देरी कम हुई है और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिल रही है। 🏗️
पर्यावरणीय मानकों का पालन
प्रशासन ने खदान संचालकों को पर्यावरणीय मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। खनन कार्य के दौरान नदी तट और आसपास के क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के लिए विशेष सावधानी बरती जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले खदान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व में बढ़ोतरी की संभावना
जिले में खनन गतिविधियों के व्यवस्थित संचालन से आने वाले समय में राजस्व में और बढ़ोतरी की संभावना है। प्रशासन ने रेत खदानों की निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया है।
जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि खनिज संसाधनों का उपयोग नियमों के तहत करते हुए राजस्व में वृद्धि की जाए और विकास कार्यों को गति दी जाए।
इस प्रकार जिले में संचालित 15 रेत खदानों से प्राप्त 76 लाख 62 हजार रुपये की रॉयल्टी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।





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