दुर्ग में स्कूल शिक्षा मंत्री ने 296 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने और दैनिक जीवन में सुविधा मिलेगी।
दुर्ग। जिले में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके जीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य से सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री ने 296 दिव्यांगजनों को विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में हितग्राही, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। सहायक उपकरण मिलने से दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन की गतिविधियों में सुविधा मिलेगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए।
विभिन्न सहायक उपकरणों का वितरण
कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, कृत्रिम अंग सहित अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इन उपकरणों से लाभार्थियों को आने-जाने और दैनिक कार्यों में सुविधा मिलेगी। कई दिव्यांगजन लंबे समय से इन उपकरणों का इंतजार कर रहे थे।
लाभार्थियों में दिखी खुशी
सहायक उपकरण प्राप्त करने के बाद लाभार्थियों ने खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अब उन्हें दैनिक कार्यों में दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कई दिव्यांगजन व्हीलचेयर और ट्राइसाइकिल मिलने से काफी उत्साहित नजर आए।
सरकार की प्राथमिकता दिव्यांगजन
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में विशेष सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले।
सामाजिक सहभागिता पर जोर
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में समाज की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी को मिलकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करना चाहिए।
प्रशासन की भूमिका
जिला प्रशासन ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम
सहायक उपकरण वितरण से दिव्यांगजन अब अपनी दिनचर्या बेहतर तरीके से कर सकेंगे। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा और वे आत्मनिर्भर बनेंगे।
निष्कर्ष
दुर्ग में आयोजित इस कार्यक्रम से 296 दिव्यांगजनों को बड़ी राहत मिली है। सरकार की यह पहल दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
