CGPSC ने परीक्षा केंद्रों में जूता-मोजा, स्मार्ट वॉच और सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर रोक लगाई, रायपुर सहित प्रदेशभर में कड़ी जांच व्यवस्था लागू की जाएगी।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) ने आगामी परीक्षाओं को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग के अनुसार अब परीक्षा केंद्रों में अभ्यर्थी जूता-मोजा, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट के साथ प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यह निर्णय परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। यह व्यवस्था रायपुर सहित प्रदेश के सभी परीक्षा केंद्रों पर लागू होगी।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पिछले कुछ समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीकी माध्यमों के जरिए नकल और अनुचित साधनों के उपयोग की शिकायतें सामने आ रही थीं। इसी को देखते हुए CGPSC ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी होगी।
आयोग के अधिकारियों के मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की सघन जांच की जाएगी।
इन वस्तुओं पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
CGPSC द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्र में निम्न वस्तुएं ले जाना पूरी तरह वर्जित रहेगा—
- स्मार्ट वॉच और डिजिटल घड़ी
- मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप
- ब्लूटूथ, ईयरबड्स, हेडफोन
- पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड
- कैलकुलेटर और किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
- कागज, नोट्स, किताबें
- जूते और मोजे
अभ्यर्थियों को साधारण चप्पल या सैंडल पहनकर ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा।
प्रवेश प्रक्रिया होगी और कड़ी
परीक्षा केंद्र में प्रवेश के दौरान अब—
- मेटल डिटेक्टर से जांच
- हैंड-हेल्ड स्कैनर से तलाशी
- दस्तावेजों का मिलान
- बायोमेट्रिक सत्यापन
जैसी व्यवस्थाएं लागू की जाएंगी। आयोग का मानना है कि इससे फर्जी अभ्यर्थी और नकल की संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण होगा।
समय से पहले पहुंचने की अपील
CGPSC ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से कम से कम एक घंटा पहले पहुंचें, ताकि जांच प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। देरी से पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश में समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
केवल आवश्यक सामग्री की अनुमति
परीक्षा कक्ष में केवल—
- प्रवेश पत्र
- वैध फोटो पहचान पत्र
- पारदर्शी बॉल पेन
ले जाने की अनुमति रहेगी। किसी भी अतिरिक्त सामग्री के साथ पकड़े जाने पर अभ्यर्थी को परीक्षा से वंचित किया जा सकता है।
नकल पर जीरो टॉलरेंस
आयोग ने साफ किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ पकड़ा जाता है या अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसमें—
- परीक्षा निरस्त करना
- भविष्य की परीक्षाओं से वंचित करना
- आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई
भी शामिल हो सकती है।
अभ्यर्थियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
रायपुर सहित विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों ने इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। कई छात्रों का कहना है कि इससे परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी होगी और ईमानदार अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा, वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने प्रवेश प्रक्रिया में लगने वाले समय को लेकर चिंता भी जताई है।
परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में कदम
CGPSC का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भरोसा कायम रखने के लिए ऐसे सख्त कदम जरूरी हैं। आयोग ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी और डिजिटल मॉनिटरिंग को और मजबूत किया जाएगा।
आयोग के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा केवल ज्ञान और मेहनत के आधार पर होनी चाहिए, न कि किसी तकनीकी या अनुचित साधन के सहारे। यही सोच इस नए निर्देश का आधार है।
