रायपुर में वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के प्रतिनिधिमंडल ने महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि से भेंट कर आशीर्वाद लिया और समाज, संस्कृति व युवाओं पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।
रायपुर। सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण को लेकर सक्रिय वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को पूज्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि से सौजन्य भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर समाजहित, युवा जागरूकता, शिक्षा, संस्कृति संरक्षण और आध्यात्मिक चेतना के विस्तार को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि को संगठन की गतिविधियों से अवगत कराते हुए बताया कि फेडरेशन देश-विदेश में सामाजिक समरसता, वैदिक परंपराओं के संरक्षण और युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक एकता, संस्कार और संस्कृति के प्रचार-प्रसार की अत्यंत आवश्यकता है।
समाज और संस्कृति के संरक्षण पर हुई चर्चा
भेंट के दौरान महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने प्रतिनिधिमंडल को मार्गदर्शन देते हुए कहा कि समाज को संगठित रखते हुए सेवा कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने शिक्षा, संस्कार और सेवा को सामाजिक उन्नति का मूल आधार बताया। साथ ही उन्होंने युवाओं से अध्यात्म के साथ आधुनिक शिक्षा को भी अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की मूल भावना ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ है और इसी भावना को केंद्र में रखकर सामाजिक संगठन अपने कार्यों को आगे बढ़ाएं, तभी समाज में स्थायी सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
युवाओं की भूमिका पर दिया विशेष संदेश
महामंडलेश्वर ने प्रतिनिधिमंडल से कहा कि युवाओं को नशा, अवसाद और नकारात्मक सोच से दूर रखकर उन्हें राष्ट्रनिर्माण से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए खेल, शिक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सेवा गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को आगे लाया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि आध्यात्मिक सोच केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाना ही सच्चा धर्म है।
संगठन की गतिविधियों की दी जानकारी
वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बताया कि संगठन द्वारा समय-समय पर शैक्षणिक कार्यशालाएं, वैदिक संस्कार कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान अभियान और सांस्कृतिक आयोजन किए जाते हैं। समाज के जरूरतमंद वर्गों के लिए सहायता कार्यक्रम भी चलाए जा रहे हैं।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक जागरूकता को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आध्यात्मिक मार्गदर्शन से मिली नई ऊर्जा
भेंट के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि से समाज और संगठन की निरंतर प्रगति के लिए आशीर्वाद लिया। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि उनके प्रेरणादायी विचारों और मार्गदर्शन से संगठन को नई ऊर्जा और दिशा मिली है।
समाज सेवा को मिलेगा और विस्तार
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी बताया कि भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, संस्कार और सामाजिक समरसता से जुड़े कार्यक्रमों को और व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा। महिलाओं और युवाओं को संगठन से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि ने संगठन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सेवा, संस्कार और संगठन – इन तीन स्तंभों पर खड़ा समाज ही सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकता है।
