अंबिकापुर में कोटपा एक्ट के तहत 16 लोगों पर चालानी कार्रवाई कर 1600 रुपए जुर्माना वसूला गया, सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान रोकने विशेष अभियान चलाया गया।
अंबिकापुर। सार्वजनिक स्थानों पर तंबाकू एवं धूम्रपान निषेध कानून के तहत जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सख्त कार्रवाई करते हुए 16 लोगों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की है। इस दौरान कुल 1600 रुपए का जुर्माना वसूला गया।
यह कार्रवाई अंबिकापुर शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बस स्टैंड, बाजार क्षेत्र और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास की गई। अभियान का उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को तंबाकू व धूम्रपान से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और कानून का कड़ाई से पालन कराना है।
कार्रवाई में छत्तीसगढ़ पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम शामिल रही।
सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान
प्रशासन द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत टीम ने शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों, दुकानों के आसपास, बस स्टैंड, कार्यालय परिसरों और शिक्षण संस्थानों के समीप निगरानी रखी। जांच के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करते पाए गए 16 लोगों पर कोटपा एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत चालान किया गया।
अधिकारियों के अनुसार सभी मामलों में मौके पर ही नियमानुसार चालान काटते हुए कुल 1600 रुपए का जुर्माना वसूला गया।
तंबाकू बिक्री पर भी रखी गई नजर
अभियान के दौरान टीम ने दुकानदारों को भी सख्त निर्देश दिए कि किसी भी स्थिति में नाबालिगों को तंबाकू या सिगरेट न बेचें। इसके साथ ही स्कूल और कॉलेज परिसरों के आसपास तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध का पालन करने के निर्देश दिए गए।
दुकानदारों को यह भी चेतावनी दी गई कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर जोर
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले में लगातार ऐसे जागरूकता और प्रवर्तन अभियान चलाए जा रहे हैं।
अभियान के दौरान आम लोगों को कोटपा एक्ट की जानकारी भी दी गई और सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान न करने की अपील की गई।
शहर में आगे भी चलेगा अभियान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगी। आने वाले दिनों में भी शहर के अन्य इलाकों में नियमित रूप से जांच अभियान चलाया जाएगा।
अधिकारियों ने कहा कि कानून का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों की आदतों में सकारात्मक बदलाव लाना और आने वाली पीढ़ी को नशे से दूर रखना है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे स्वयं भी सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान न करें और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।
प्रशासन का मानना है कि समाज के सहयोग से ही अंबिकापुर को नशा मुक्त और स्वस्थ शहर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं।
