गरियाबंद के राजिम त्रिवेणी संगम में राज्यपाल रमेन डेका ने महानदी की भव्य महाआरती की, प्रदेश की शांति, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।
गरियाबंद। राज्यपाल रमेन डेका ने गरियाबंद जिले के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल राजिम में त्रिवेणी संगम तट पर पवित्र महानदी की भव्य महाआरती में सहभागिता कर श्रद्धालुओं के साथ आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। इस अवसर पर संगम तट दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और शंखनाद से भक्तिमय हो उठा।
राज्यपाल रमेन डेका ने विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की कामना की। उन्होंने महानदी को छत्तीसगढ़ की जीवनरेखा बताते हुए कहा कि यह नदी केवल जल का स्रोत नहीं, बल्कि प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और आस्था की पहचान है।
महाआरती कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। राज्यपाल के आगमन पर जिला प्रशासन एवं मंदिर समिति द्वारा पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान संगम तट पर विशेष आरती मंच सजाया गया था। वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच दीप प्रज्ज्वलन कर राज्यपाल ने महानदी की महाआरती संपन्न कराई। इस दौरान पूरा वातावरण “हर-हर गंगे” और “जय महानदी मैया” के जयकारों से गूंज उठा।
राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि राजिम का त्रिवेणी संगम धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से स्थानीय संस्कृति को नई पहचान मिलती है और प्रदेश के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है।
उन्होंने उपस्थित श्रद्धालुओं से नदियों की स्वच्छता एवं संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील भी की। राज्यपाल ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए महानदी जैसी पवित्र नदियों को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के समापन पर स्थानीय कलाकारों द्वारा भक्ति संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई, जिसने पूरे आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। देर शाम तक श्रद्धालु संगम तट पर आरती और दर्शन में जुटे रहे।
