रविवार, 13 सितंबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

आत्मसमर्पित नक्सलियों के जीवन में नई शुरुआत

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 31 January 2026

सुकमा में आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत रोजगार, प्रशिक्षण और सुविधाएं देकर मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, उनके जीवन में नई शुरुआत हो रही है।

सुकमा | छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों के लिए अब नई जिंदगी की शुरुआत हो रही है। शासन की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।

जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयासों से आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सुरक्षा, सम्मान और रोजगार से जोड़ने की पहल तेज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण के बाद उन्हें सरकार की नीति के अनुसार आर्थिक सहायता, आवास, पहचान पत्र, स्वास्थ्य सुविधा और कौशल विकास प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रशासन का उद्देश्य यह है कि आत्मसमर्पित नक्सली समाज में सम्मानजनक जीवन जी सकें और उन्हें दोबारा हिंसा के रास्ते पर जाने की जरूरत न पड़े। इसके लिए उन्हें विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार कई आत्मसमर्पित नक्सली अब सिलाई, मोटर मैकेनिक, कृषि, पशुपालन और छोटे व्यवसाय जैसे कार्यों से जुड़ चुके हैं। कुछ युवाओं को निजी कंपनियों और स्थानीय संस्थानों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए गए हैं।

आत्मसमर्पित नक्सलियों ने बताया कि पहले वे डर और दबाव के माहौल में जीवन जी रहे थे, लेकिन अब उन्हें सामान्य नागरिक की तरह जीने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने प्रशासन और पुलिस के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि अब वे अपने परिवार के साथ सुरक्षित भविष्य की योजना बना पा रहे हैं।

प्रशासन ने यह भी बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया जा रहा है और छात्रवृत्ति योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, ताकि अगली पीढ़ी को बेहतर भविष्य मिल सके।

जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे आत्मसमर्पित नक्सलियों को समाज में अपनाएं और उनके पुनर्वास में सहयोग करें। प्रशासन का मानना है कि सामाजिक स्वीकार्यता से ही पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी तरह सफल हो सकती है।

संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *