WPL में नैट सिवर-ब्रंट ने पहला शतक जड़ा, हैली मैथ्यूज के ऑलराउंड प्रदर्शन से मुंबई ने बेंगलुरु को 15 रन से हराया।
स्पोर्ट्स डेस्क। महिला प्रीमियर लीग (WPL) के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया जब इंग्लैंड की स्टार ऑलराउंडर नैट सिवर-ब्रंट ने टूर्नामेंट का पहला शतक जड़ते हुए मुंबई इंडियंस को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 15 रन की शानदार जीत दिलाई। इस मुकाबले में सिवर-ब्रंट के साथ हैली मैथ्यूज का हरफनमौला प्रदर्शन भी निर्णायक साबित हुआ।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई की शुरुआत संभली हुई रही। शुरुआती विकेट गिरने के बाद नैट सिवर-ब्रंट ने पारी की कमान संभाली और एक छोर थामे रखा। उन्होंने बेहतरीन टाइमिंग, स्ट्रेट ड्राइव्स और कवर के जरिए चौकों की झड़ी लगाई। सिवर-ब्रंट ने महज 60 से कम गेंदों में अपना शतक पूरा किया और WPL में शतक लगाने वाली पहली बल्लेबाज बन गईं।
उनकी पारी में संयम और आक्रामकता का अद्भुत संतुलन देखने को मिला। बेंगलुरु के गेंदबाजों ने बीच के ओवरों में दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन सिवर-ब्रंट ने स्पिन और तेज गेंदबाजी दोनों के खिलाफ आत्मविश्वास से रन बटोरे। उनके साथ हैली मैथ्यूज ने भी उपयोगी योगदान दिया और टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया।
मुंबई ने निर्धारित 20 ओवरों में मजबूत स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में बेंगलुरु की टीम लक्ष्य का पीछा करते हुए शुरुआत में तेज दिखी। हालांकि, मिडिल ओवर्स में हैली मैथ्यूज ने मैच का रुख बदल दिया। उन्होंने गेंदबाजी में शानदार नियंत्रण दिखाते हुए तीन अहम विकेट झटके और रन गति पर ब्रेक लगा दिया।
मैथ्यूज ने इससे पहले बल्लेबाजी में भी अर्धशतक जमाकर टीम की जीत की नींव रखी थी। उनका यह ऑलराउंड प्रदर्शन मुंबई के लिए निर्णायक साबित हुआ। बेंगलुरु की ओर से कुछ बल्लेबाजों ने संघर्ष किया, लेकिन जरूरी रन रेट बढ़ने के साथ दबाव बढ़ता चला गया और टीम लक्ष्य से 15 रन पीछे रह गई।
मैच के बाद नैट सिवर-ब्रंट को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने कहा कि WPL में पहला शतक लगाना उनके करियर के यादगार पलों में से एक है। उन्होंने टीम की सामूहिक मेहनत और गेंदबाजों के प्रदर्शन की भी सराहना की।
इस जीत के साथ मुंबई इंडियंस ने अंक तालिका में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है, जबकि बेंगलुरु को टूर्नामेंट में आगे बने रहने के लिए अगले मुकाबलों में वापसी करनी होगी। सिवर-ब्रंट का यह शतक न सिर्फ WPL के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि महिला क्रिकेट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और स्तर का भी प्रतीक बन गया है।





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