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वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बदला मौसम मिजाज

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 21 January 2026

पश्चिमी विक्षोभ के असर से न्यूनतम तापमान बढ़ा, ठंड में अस्थायी राहत, मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में फिर गिरावट की संभावना जताई।

रायपुर। प्रदेश सहित पूरे उत्तर और मध्य भारत में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे ठंड की तीव्रता में अस्थायी कमी आई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक स्थायी नहीं रहेगी और आने वाले दिनों में फिर से तापमान में गिरावट देखी जा सकती है।

पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई जिलों में रात का तापमान सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया है। राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव और सरगुजा संभाग में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी के कारण सुबह की ठंड कुछ कम महसूस की गई। वहीं दिन के तापमान में भी हल्की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे मौसम में हल्की गर्माहट देखने को मिली।

पश्चिमी विक्षोभ का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव मध्य भारत तक पहुंचा है। इसके चलते उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं की गति कमजोर पड़ी है और नमी युक्त हवाएं वातावरण में प्रवेश कर रही हैं। इसी कारण न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हो रही है और ठंड का असर अस्थायी रूप से कम हुआ है।

मौसम विभाग के विशेषज्ञों ने बताया कि यह स्थिति 2 से 3 दिनों तक बनी रह सकती है। इसके बाद जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ कमजोर होगा, एक बार फिर उत्तर से ठंडी और शुष्क हवाएं चलेंगी, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।

सुबह-शाम में बदलाव साफ

प्रदेश के कई इलाकों में सुबह के समय हल्का कोहरा और धुंध देखने को मिली है। वहीं शाम के समय हल्की ठंडक बनी हुई है, लेकिन पहले जैसी कड़ाके की ठंड फिलहाल महसूस नहीं हो रही। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान भी मौसम के इस उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि तापमान में बदलाव का सीधा असर फसलों पर पड़ता है।

किसानों के लिए अहम संकेत

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव रबी फसलों के लिए संवेदनशील समय होता है। गेहूं, चना, सरसों और सब्जी की फसलों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है। अधिक नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव से रोग लगने की संभावना भी बढ़ जाती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे फसलों की नियमित निगरानी करें और आवश्यकता पड़ने पर कृषि वैज्ञानिकों से मार्गदर्शन लें।

आने वाले दिनों का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने अनुमान जताया है कि अगले 48 घंटों तक न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी बनी रह सकती है। इसके बाद उत्तर भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे प्रदेश में फिर से ठंड बढ़ सकती है। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी या बादल छाए रहने की भी संभावना जताई गई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जनवरी के मध्य तक मौसम में इसी तरह का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। दिन में हल्की गर्मी और रात में ठंड का अनुभव बना रहेगा।

स्वास्थ्य पर भी असर

तापमान में इस तरह के उतार-चढ़ाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि सर्दी-खांसी, वायरल बुखार और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर बुजुर्गों और बच्चों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से गर्म कपड़े पहनने, पर्याप्त पानी पीने और बदलते मौसम में लापरवाही न बरतने की अपील की है।

मौसम विभाग की अपील

मौसम विभाग ने आम नागरिकों और किसानों से मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की अपील की है। अचानक ठंड बढ़ने या बारिश की स्थिति में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विभाग का कहना है कि मौसम में यह उतार-चढ़ाव प्राकृतिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन इसके प्रति सतर्क रहना जरूरी है।

कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के कारण प्रदेश में फिलहाल ठंड से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन यह राहत अस्थायी है। आने वाले दिनों में मौसम फिर से बदल सकता है और ठंड एक बार फिर अपना असर दिखा सकती है।

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