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बस्तर पंडुम 2026 की भव्य शुरुआत

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 15 January 2026

दंतेवाड़ा में बस्तर पंडुम 2026 की शुरुआत हुई। महोत्सव के जरिए जनजातीय कला, संस्कृति, लोकनृत्य और परंपराओं को सहेजने की अनूठी पहल की गई।

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की समृद्ध जनजातीय कला, संस्कृति और परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से बस्तर पंडुम 2026 का शुभारंभ दंतेवाड़ा में भव्य रूप से किया गया। यह आयोजन बस्तर की लोकसंस्कृति, नृत्य, गीत, वेशभूषा, हस्तशिल्प और परंपरागत जीवनशैली को मंच प्रदान करने की एक अनूठी पहल है, जो न सिर्फ स्थानीय कलाकारों को पहचान दिलाती है, बल्कि पूरे देश में बस्तर की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करती है।

बस्तर पंडुम के उद्घाटन अवसर पर जिले के प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि, आदिवासी समाज के प्रमुख, कलाकार और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना और लोकनृत्य के साथ हुई। मंच पर विभिन्न जनजातियों के कलाकारों ने अपनी विशिष्ट वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ प्रस्तुति दी, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।

इस महोत्सव में मुरिया, माड़िया, गोंड, हल्बा, दोरला सहित विभिन्न जनजातियों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिल रही है। पारंपरिक नृत्य, गीत, नाट्य, वाद्य संगीत के साथ-साथ स्थानीय खान-पान और हस्तशिल्प की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। बस्तर पंडुम का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जनजातीय पहचान, आत्मसम्मान और सांस्कृतिक संरक्षण को मजबूत करना है।

प्रशासन का कहना है कि बस्तर पंडुम 2026 के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। साथ ही, पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में यह आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। देश-विदेश से आने वाले पर्यटक बस्तर की अनोखी संस्कृति को करीब से समझ सकेंगे।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बस्तर पंडुम जैसे आयोजन आदिवासी समाज की जड़ों को मजबूत करते हैं और युवा पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का काम करते हैं। यह महोत्सव बस्तर की पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

आगामी दिनों में जिले के विभिन्न विकासखंडों में भी बस्तर पंडुम 2026 के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें विजेता प्रतिभागियों को आगे राज्य स्तरीय मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। कुल मिलाकर, बस्तर पंडुम 2026 बस्तर की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव बनकर उभरा है।

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