कोर्ट केस के कारण 9 महीने की देरी के बाद इंडियन सुपर लीग 14 फरवरी से शुरू होगी, खेल मंत्री मनसुखलाल मांडविया ने की घोषणा।
स्पोर्ट्स डेस्क | नई दिल्ली भारतीय फुटबॉल प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इंडियन सुपर लीग (ISL) के नए सीजन की शुरुआत अब 14 फरवरी से होगी। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुखलाल मांडविया ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि कानूनी विवाद और कोर्ट केस के कारण लीग को करीब 9 महीने की देरी का सामना करना पड़ा, लेकिन अब सभी अड़चनें दूर कर ली गई हैं।
खेल मंत्री मनसुखलाल मांडविया ने कहा कि इंडियन सुपर लीग भारतीय फुटबॉल की रीढ़ है और इसके समय पर आयोजन से खिलाड़ियों, क्लबों और प्रशंसकों में नई ऊर्जा का संचार होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस बार लीग का आयोजन पूरी पारदर्शिता और तय मानकों के अनुसार किया जाएगा।
दरअसल, ISL के पिछले सीजन के बाद लीग संचालन, फ्रेंचाइज़ी से जुड़े अधिकारों और संगठनात्मक ढांचे को लेकर कानूनी विवाद सामने आया था। मामला अदालत तक पहुंचने के कारण लीग का आयोजन तय समय पर नहीं हो सका। करीब 9 महीने तक चले इस विवाद ने न सिर्फ फुटबॉल कैलेंडर को प्रभावित किया, बल्कि खिलाड़ियों की तैयारियों और क्लबों की योजनाओं पर भी असर डाला।
अब कोर्ट केस के निपटारे के बाद अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) और लीग प्रबंधन ने संयुक्त रूप से नए सीजन की तारीखों को अंतिम रूप दिया है। 14 फरवरी से शुरू होने वाला ISL सीजन देश के विभिन्न शहरों में खेला जाएगा, जिसमें सभी प्रमुख क्लब हिस्सा लेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, लीग के लिए क्लबों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। विदेशी खिलाड़ियों के अनुबंध, प्री-सीजन ट्रेनिंग और मैच शेड्यूल को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशंसकों को भी लंबे इंतजार के बाद स्टेडियम में फुटबॉल का रोमांच देखने को मिलेगा।
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि फरवरी में ISL की शुरुआत से लीग को बेहतर दर्शक समर्थन मिल सकता है। साथ ही, यह भारतीय फुटबॉल टीम के लिए भी सकारात्मक साबित होगा, क्योंकि खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक मैचों का अनुभव मिलेगा।
ISL के आयोजन से न केवल घरेलू फुटबॉल को मजबूती मिलेगी, बल्कि युवा खिलाड़ियों को भी खुद को साबित करने का बड़ा मंच मिलेगा। खेल मंत्रालय और फुटबॉल महासंघ दोनों ने मिलकर यह संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसे विवादों से बचने के लिए ठोस व्यवस्था की जाएगी।
