रायपुर में जीएसटी विभाग ने 50 से ज्यादा फर्जी कंपनियों के जरिए 9 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा किया, फर्जी इनवॉइस से ITC का दुरुपयोग हुआ।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जीएसटी विभाग ने अब तक की बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 से अधिक फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी का खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने बिना वास्तविक व्यापार किए फर्जी इनवॉइस (बिल) तैयार किए और करीब 9 करोड़ रुपये की जीएसटी की चोरी की। इस खुलासे के बाद कर विभाग और प्रवर्तन एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
कैसे हुआ फर्जीवाड़ा
प्राथमिक जांच में पता चला है कि आरोपियों ने अलग-अलग नामों से शेल कंपनियां (कागजों पर बनी कंपनियां) रजिस्टर कराईं। इन कंपनियों के नाम पर फर्जी खरीद-बिक्री दिखाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत फायदा उठाया गया। न तो इन कंपनियों का कोई वास्तविक कार्यालय था और न ही माल की वास्तविक आवाजाही।
जीएसटी विभाग की बड़ी कार्रवाई
जीएसटी इंटेलिजेंस विंग को लंबे समय से संदिग्ध लेन-देन की जानकारी मिल रही थी। तकनीकी विश्लेषण, ई-वे बिल डेटा और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के बाद विभाग ने एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान फर्जी दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल, लैपटॉप और बैंक खातों से जुड़े अहम सबूत जब्त किए गए।
बेनामी खातों से हुआ लेन-देन
जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी कंपनियों के जरिए प्राप्त राशि को बेनामी बैंक खातों के माध्यम से इधर-उधर किया गया। कई खातों में करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन पाया गया है। जीएसटी विभाग अब मनी ट्रेल की गहराई से जांच कर रहा है।
कई लोगों की भूमिका संदिग्ध
इस पूरे फर्जीवाड़े में चार्टर्ड अकाउंटेंट, टैक्स सलाहकार और कुछ कारोबारी नेटवर्क की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
कानूनी कार्रवाई होगी सख्त
जीएसटी अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों पर जीएसटी एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसमें भारी जुर्माना, टैक्स वसूली और जेल तक का प्रावधान है। साथ ही, फर्जी कंपनियों का पंजीकरण रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
राज्यभर में अलर्ट
इस बड़े खुलासे के बाद पूरे छत्तीसगढ़ में जीएसटी नेटवर्क को अलर्ट कर दिया गया है। अन्य जिलों में भी इसी तरह के फर्जीवाड़े की जांच तेज कर दी गई है, ताकि कर चोरी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
अधिकारियों का बयान
जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि
“फर्जी इनवॉइस और शेल कंपनियों के जरिए टैक्स चोरी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।”





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