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मतदाता सूची अपडेट से चुनावी सरगर्मी तेज

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 20 December 2025

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची पुनरीक्षण से 27 लाख नाम कटने का अनुमान, 23 दिसंबर को अंतिम सूची जारी होगी, नए और हटाए गए मतदाताओं की स्थिति साफ होगी।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण को लेकर बड़ा अनुमान सामने आया है। प्रदेश में करीब 27 लाख मतदाताओं के नाम कटने की आशंका जताई जा रही है। आगामी 23 दिसंबर को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा, जिसके बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि किन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और कितने नए मतदाता सूची में जोड़े गए हैं। चुनावी दृष्टि से यह प्रक्रिया बेहद अहम मानी जा रही है।

निर्वाचन विभाग द्वारा चलाए गए विशेष पुनरीक्षण अभियान के तहत मृत मतदाताओं, स्थायी रूप से स्थानांतरित लोगों, दोहरे नामों और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाने की प्रक्रिया की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए हैं जो वर्षों से दूसरे जिलों या राज्यों में रह रहे हैं, लेकिन अब भी मतदाता सूची में दर्ज थे। इसी कारण नाम कटने की संख्या अधिक होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

23 दिसंबर को सामने आएगा पूरा आंकड़ा

निर्वाचन आयोग के अनुसार 23 दिसंबर को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में यह साफ हो जाएगा कि कुल कितने नाम हटाए गए और कितने नए मतदाता जुड़े हैं। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, जहां एक ओर लाखों नाम कट सकते हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके नए युवा मतदाता भी सूची में शामिल होंगे।

राजनीतिक दलों की बढ़ी नजर

मतदाता सूची में संभावित बड़े बदलाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दलों की नजर इस पर टिकी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि कहीं न कहीं नाम कटने की प्रक्रिया में लापरवाही या पक्षपात न हो, जबकि सत्तापक्ष इसे सूची की शुद्धता और पारदर्शिता से जोड़कर देख रहा है। कई दलों ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाताओं को सूची जांचने में मदद करें।

मतदाताओं से अपील

निर्वाचन विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे 23 दिसंबर के बाद अपनी वोटर लिस्ट में नाम जरूर जांच लें। यदि किसी का नाम गलती से कट गया हो या जानकारी में त्रुटि हो, तो तय समयसीमा के भीतर दावा-आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है। इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

आगामी चुनावों पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अनुमान के अनुसार 27 लाख नाम कटते हैं, तो इसका असर आने वाले निकाय, पंचायत और विधानसभा चुनावों पर साफ दिखाई देगा। कई सीटों पर मतदाता संख्या में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिससे चुनावी रणनीतियां भी बदलेंगी।

कुल मिलाकर, 23 दिसंबर को होने वाला मतदाता सूची का प्रकाशन छत्तीसगढ़ की राजनीति और प्रशासन—दोनों के लिए बेहद अहम साबित होने वाला है।

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