छत्तीसगढ़ में पीडीएस घोटाले का खुलासा, गरीबों का 1 रुपए किलो चावल बाजार में 20 रुपए में बेचा जा रहा, प्रशासन और खाद्य विभाग जांच में जुटे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। गरीबों को 1 रुपए प्रति किलो की दर से मिलने वाला चावल खुले बाजार में 15 से 20 रुपए प्रति किलो तक बेचा जा रहा है। इस गड़बड़ी के सामने आने के बाद खाद्य विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार, राशन दुकानों से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के नाम पर उठाया गया चावल बीच रास्ते में ही गायब हो रहा है। जांच में सामने आया है कि कुछ राशन दुकानदार, परिवहनकर्ता और बिचौलियों की मिलीभगत से यह चावल खुले बाजार, होटलों और चावल मिलों तक पहुंचाया जा रहा है। वहां इसे आम उपभोक्ताओं को महंगे दामों पर बेचा जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि कई इलाकों में हितग्राहियों को पूरा राशन नहीं दिया जा रहा, जबकि कागजों में वितरण पूरा दिखा दिया जाता है। गरीब परिवारों को जब राशन कम मिलता है या नहीं मिलता, तब वे शिकायत करने से भी कतराते हैं। इसका फायदा उठाकर माफिया लंबे समय से इस गोरखधंधे को चला रहे हैं।
खाद्य विभाग ने कुछ स्थानों पर छापेमारी कर संदिग्ध दुकानों और गोदामों से चावल जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि जब्त चावल पीडीएस का ही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी और लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
इस घोटाले ने सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था लागू नहीं की गई, तो गरीबों के हक पर ऐसे ही डाका पड़ता रहेगा।





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