उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में संसद में मतदान सम्पन्न, प्रधानमंत्री मोदी सहित NDA और कांग्रेस के सांसदों ने किया मतदान, परिणामों की प्रतीक्षा जारी है।
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 के लिए संसद में आज मतदान संपन्न हुआ। सुबह से ही सघन सुरक्षा व्यवस्था के बीच सांसद अपने-अपने मत डालने पहुंचे। सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान कर अपने मताधिकार का प्रयोग किया और उसके तुरंत बाद पंजाब के बाढ़ग्रस्त इलाकों के दौरे के लिए रवाना हो गए।
प्रधानमंत्री मोदी के मतदान के बाद एनडीए (NDA) के सभी सांसदों ने क्रमबद्ध तरीके से मतदान किया। मतदान से पहले एनडीए के सभी सांसद प्रधानमंत्री मोदी से मिले और उन्हें आगामी चुनाव में सफलता की शुभकामनाएं दी। इसके बाद सांसद अलग-अलग मंत्रियों के आवास पर एकत्र हुए और हल्का नाश्ता किया।
एनडीए के महत्वपूर्ण नेताओं में शामिल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री और राज्यसभा में JD(S) सांसद एचडी देवेगौड़ा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और प्रहलाद जोशी ने अपने मत डाले। इसके साथ ही राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने भी मतदान किया।
मतदान के दौरान कई नेताओं के बीच गर्मजोशी और सहयोगपूर्ण माहौल देखा गया। खासकर परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे हाथ मिलाते नजर आए। दोनों सांसद एक समय पर संसद पहुंचे थे और इसके बाद उन्होंने एक-दूसरे का अभिवादन किया।
बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने भी मतदान में भाग लिया। इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी और राहुल गांधी एक साथ पहुंचे और मतदान किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मतदान किया।
संसद में मतदान के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था का पूरा ध्यान रखा गया। सभी सांसदों की पहचान की गई और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के माध्यम से मतदान संपन्न हुआ। मतदान केंद्रों पर कई सुरक्षाकर्मी तैनात थे।
इस उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 में दोनों मुख्य दलों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में जोरशोर से प्रचार किया। एनडीए ने अपने उम्मीदवार को समर्थन देने के लिए रणनीति बनाई थी। वहीं, विपक्षी दलों ने भी अपने उम्मीदवार को समर्थन देने का स्पष्ट संकेत दिया।
मतदान के दौरान राजनीतिक हलकों में यह चर्चा रही कि चुनाव परिणाम आगामी दिनों में राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस चुनाव से भविष्य में संसद में नीति निर्धारण और संवैधानिक मसलों पर निर्णायक भूमिका निभाने वाले उपराष्ट्रपति की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी।
इस चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने मतदाताओं के बीच संपर्क बढ़ाया और यह सुनिश्चित किया कि सभी सांसद मतदान में भाग लें। मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और स्वतंत्र तरीके से संपन्न हुई।
मतदान के दौरान कुछ सांसदों ने मीडिया से अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सभी सांसदों को अपने मत का प्रयोग स्वतंत्र रूप से करना चाहिए और यही लोकतंत्र की शक्ति है।
संसद में मतदान संपन्न होने के बाद मतगणना की तारीख और प्रक्रिया की घोषणा की जाएगी। मतदान की कुल संख्या और परिणामों के आधार पर नए उपराष्ट्रपति का चयन किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपराष्ट्रपति का पद न केवल संवैधानिक महत्व रखता है, बल्कि यह संसद के कार्यकुशल संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
वर्तमान उपराष्ट्रपति के कार्यकाल के समाप्त होने के बाद यह चुनाव अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी।
इस चुनाव में सभी सांसदों के सहयोग और सहभागिता ने लोकतंत्र की जीवंतता को दर्शाया। मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह से शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुई।
