कवर्धा में प्रदेश की पांचवीं न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला का शुभारंभ, गृहमंत्री विजय शर्मा ने किया उद्घाटन, अपराध जांच अब होगी अधिक वैज्ञानिक और पारदर्शी।
कवर्धा। छत्तीसगढ़ की न्यायिक प्रक्रिया को अधिक वैज्ञानिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। कबीरधाम जिले के कवर्धा में प्रदेश की पांचवीं क्षेत्रीय न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशाला (Regional Forensic Science Laboratory – RFSL) का शुभारंभ हुआ। इस प्रयोगशाला का उद्घाटन राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने किया। इस अवसर पर पंडरिया विधायक भावना बोहरा विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
न्याय व्यवस्था में नई दिशा
गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना से न्याय व्यवस्था अधिक सशक्त और पारदर्शी होगी। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों की मदद से अपराधों की जांच तेज और विश्वसनीय बनेगी। इससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी और पीड़ितों को समय पर न्याय मिलेगा।
प्रदेश में पांचवां केंद्र
छत्तीसगढ़ में इससे पहले चार न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाएं कार्यरत थीं। अब कवर्धा में पांचवें केंद्र के रूप में यह प्रयोगशाला स्थापित की गई है। इससे कबीरधाम जिले सहित आसपास के जिलों में होने वाले अपराधों की वैज्ञानिक जांच स्थानीय स्तर पर ही संभव होगी।
प्रयोगशाला की सुविधाएं
इस प्रयोगशाला में आधुनिक उपकरण और तकनीकी विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे। यहां डीएनए परीक्षण, फिंगरप्रिंट विश्लेषण, दस्तावेजों की जांच, डिजिटल उपकरणों की जांच, नशीले पदार्थों और विस्फोटक पदार्थों का परीक्षण जैसी सेवाएं मिलेंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पुलिस की जांच प्रक्रिया में काफी सुधार होगा।
अतिथियों का उद्बोधन
कार्यक्रम में पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि न्यायालयिक विज्ञान प्रयोगशालाएं अपराधियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने आशा जताई कि यह केंद्र क्षेत्र की जनता को अपराध-मुक्त वातावरण प्रदान करने में सहायक होगा।
जनता में उत्साह
कवर्धा में इस प्रयोगशाला के शुभारंभ से स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला। लोगों ने इसे क्षेत्र की बड़ी उपलब्धि बताया और उम्मीद जताई कि अब अपराधों की जांच अधिक निष्पक्ष और तेज होगी।
