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लाल किला परिसर से जैन धार्मिक अनुष्ठान का कलश

देश ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 6 September 2025

लाल किला परिसर में जैन धार्मिक अनुष्ठान के दौरान बेशकीमती कलश चोरी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला की मौजूदगी में हुई घटना से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल।

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किला परिसर से एक चौंकाने वाला चोरी का मामला सामने आया है। यहां लाल किले के पार्क में चल रहे जैन धर्म के धार्मिक अनुष्ठान के दौरान एक बेशकीमती कलश रहस्यमय तरीके से चोरी हो गया। यह घटना 2 सितंबर 2025 को हुई, जब कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला भी मौजूद थे। घटना ने न केवल प्रशासन बल्कि धार्मिक समुदाय को भी सकते में डाल दिया है।

कार्यक्रम के दौरान चोरी

जानकारी के अनुसार, कारोबारी सुधीर जैन प्रतिदिन पूजा के लिए यह विशेष कलश लेकर आते थे। उसी दिन भी वे इसे मंच पर लेकर पहुंचे और पूजा-अर्चना के दौरान कलश को मंच पर ही रखा गया। लेकिन स्वागत समारोह के बीच अचानक कलश गायब हो गया। उपस्थित लोगों को पहले तो लगा कि इसे आयोजकों ने कहीं सुरक्षित रखा होगा, लेकिन जब खोजबीन की गई तो कलश का कहीं अता-पता नहीं मिला।

पुलिस जांच में जुटी

दिल्ली पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई शुरू की है। अधिकारियों ने बताया कि चोरी की घटना के समय सुरक्षा के सख्त इंतजाम थे, क्योंकि लाल किले में उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित हो रहा था। बावजूद इसके चोरी का होना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं और तकनीकी जांच भी जारी है।

धार्मिक समुदाय में आक्रोश

जैन समाज ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े पवित्र कलश का इस तरह चोरी होना बेहद अपमानजनक और चिंताजनक है। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने प्रशासन से जल्द से जल्द कलश बरामद करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की है।

सुरक्षा पर उठे सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि लाल किले जैसे ऐतिहासिक और संरक्षित स्थल पर अगर इस प्रकार की घटना घट सकती है तो आम जगहों की सुरक्षा पर क्या भरोसा किया जा सकता है। कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता किया जाना चाहिए।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

मामले ने राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है। विपक्षी दलों ने इसे सरकार की सुरक्षा व्यवस्था की विफलता करार दिया है। उनका कहना है कि जब देश के सबसे सुरक्षित स्थलों में से एक पर चोरी हो सकती है, तो आम जनता खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेगी।

आयोजकों की प्रतिक्रिया

अनुष्ठान के आयोजकों ने कहा कि कार्यक्रम बेहद शांतिपूर्ण माहौल में चल रहा था और किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि इस बीच इतनी बड़ी घटना हो जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि पुलिस और प्रशासन मिलकर कलश को जल्द खोज निकालेंगे।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और विशेष टीम गठित की गई है। जांच में कई कोणों पर विचार किया जा रहा है, जिसमें अंदरूनी संलिप्तता की संभावना भी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि बहुत जल्द इस मामले में बड़ा खुलासा हो सकता है।

निष्कर्ष

लाल किला परिसर से जैन धार्मिक अनुष्ठान का कलश चोरी होना केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि सुरक्षा और आस्था दोनों पर बड़ा सवाल है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस कितनी जल्दी इस रहस्य से पर्दा उठाती है और चोरी हुआ बेशकीमती कलश वापस लाती है।


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