दिल्ली हाईकोर्ट ने EWS मरीजों की आय सीमा बढ़ाने पर दिल्ली सरकार से मांगा जवाब। कोर्ट ने नोटिस जारी कर जल्द नीति बनाने के दिए निर्देश।
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के मरीजों की आय सीमा बढ़ाने से संबंधित मुद्दे पर गंभीरता दिखाते हुए दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है। यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाले मुफ्त या रियायती इलाज से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है कि आखिर आय सीमा बढ़ाने पर अब तक कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया।
मामला क्या है?
दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) श्रेणी के तहत मरीजों को इलाज में रियायतें दी जाती हैं। वर्तमान समय में इस श्रेणी की आय सीमा पुरानी मानकों के अनुसार तय है, जो कई सालों से बदली नहीं गई है। बदलते आर्थिक हालात और महंगाई के चलते कई लोग इस श्रेणी से बाहर हो जाते हैं, जबकि उनकी वास्तविक आर्थिक स्थिति उन्हें इस सुविधा का हकदार बनाती है।
कई सामाजिक संगठनों और मरीजों ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि आय सीमा बढ़ाई जानी चाहिए ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग सस्ती या मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
कोर्ट की सख्ती
हाईकोर्ट ने इस मामले को गंभीर मानते हुए दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर पूछा है कि इस विषय में अब तक कोई नीति क्यों नहीं बनी। कोर्ट ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा हर नागरिक का अधिकार है और आय सीमा की वजह से जरुरतमंदों को इससे वंचित नहीं किया जा सकता।
न्यायालय ने सरकार से कहा है कि वह जल्द ही अपना पक्ष स्पष्ट करे और बताए कि इस संबंध में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
दिल्ली सरकार की भूमिका
दिल्ली सरकार स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देने का दावा करती रही है। मोहल्ला क्लिनिक से लेकर सरकारी अस्पतालों तक मुफ्त इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराने की योजना चलाई जा रही है। हालांकि, EWS आय सीमा लंबे समय से अपडेट नहीं की गई है। इससे कई वास्तविक जरूरतमंद लोग योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे।
सरकार का तर्क यह भी है कि आय सीमा में बदलाव का असर बजट और संसाधनों पर पड़ेगा, इसलिए इस पर गहन अध्ययन और वित्तीय मूल्यांकन जरूरी है।
मरीजों और संगठनों की मांग
याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से अपील की कि EWS श्रेणी की आय सीमा को समय-समय पर महंगाई और जीवन स्तर के अनुसार संशोधित किया जाए। उनका कहना है कि जब महंगाई लगातार बढ़ रही है, तो पुरानी आय सीमा को लागू रखना गरीब और मध्यम वर्ग के लिए अन्याय है।
आगे की राह
दिल्ली हाईकोर्ट ने साफ कर दिया है कि सरकार को जल्द इस मामले में ठोस कार्रवाई करनी होगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि दिल्ली सरकार कोर्ट में क्या जवाब देती है और क्या वाकई EWS आय सीमा बढ़ाने पर कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं।
