चक्रधर समारोह के आठवें दिन शास्त्रीय नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां हुईं। 7 वर्षीय आशिका समेत बेंगलुरु, रायपुर और दुर्ग के कलाकारों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।
रायगढ़ में आयोजित चक्रधर समारोह का आठवां दिन शास्त्रीय नृत्य की अद्भुत प्रस्तुतियों के नाम रहा। मंच पर देशभर से आए कलाकारों ने अपनी कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस मौके पर 7 वर्षीय नन्ही कलाकार आशिका ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति दी, जिसे देखकर दर्शकों ने खड़े होकर तालियां बजाईं। आशिका की लय और भावों ने साबित कर दिया कि कला की कोई उम्र नहीं होती।
बेंगलुरु, रायपुर और दुर्ग से आए कलाकारों ने भी शानदार प्रस्तुतियां दीं। भरतनाट्यम, कथक और कुचिपुड़ी जैसी विधाओं ने समारोह की शोभा बढ़ाई। कलाकारों की वेशभूषा, भावभंगिमा और तालमेल ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की गहराई का अनुभव कराया।
समारोह स्थल दर्शकों से खचाखच भरा था। हर प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट से वातावरण गूंज उठा। सांस्कृतिक प्रेमियों का कहना था कि चक्रधर समारोह भारतीय संस्कृति और परंपरा को सहेजने का सबसे बड़ा मंच है।
आयोजकों ने बताया कि आने वाले दिनों में भी देश-विदेश के बड़े कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। चक्रधर समारोह न केवल रायगढ़ बल्कि पूरे देश में कला-संस्कृति के उत्सव के रूप में जाना जाता है।
इस आयोजन में युवा कलाकारों को भी अवसर दिया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी भारतीय शास्त्रीय कला को आगे बढ़ा सके। दर्शकों ने आयोजकों की इस पहल की सर
