मोदी सरकार ने CAA पर बड़ा फैसला लिया। पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए अल्पसंख्यकों को भारत में रहने की समयसीमा बढ़ाई गई।
मोदी सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए अल्पसंख्यकों को भारत में रहने की समयसीमा बढ़ा दी है। इस फैसले के तहत अब वे निर्धारित तारीख तक भारत में रह सकेंगे।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह राहत हिंदू, सिख, बौद्ध, ईसाई, जैन और पारसी अल्पसंख्यक समुदायों के लिए दी गई है। इन्हें अब कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक देश में निवास की अनुमति होगी।
सरकार का मानना है कि यह कदम उन लोगों के लिए बड़ी राहत है, जो धार्मिक उत्पीड़न के चलते अपने देश छोड़कर भारत आए हैं। इस फैसले से उन्हें नागरिकता मिलने तक सुरक्षा और स्थायित्व मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस घोषणा से पड़ोसी देशों से आए हजारों शरणार्थी परिवारों को लाभ होगा। वहीं विपक्ष ने इसे लेकर सरकार से स्पष्ट नीति की मांग की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पहले भी कहा था कि भारत में आए उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सरकार का यह फैसला देशभर में राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बना हुआ है। समर्थक इसे मानवीय पहल बताते हैं, जबकि आलोचकों का कहना है कि सरकार को इसके क्रियान्वयन में पारदर्शिता बरतनी चाहिए।
इस फैसले का सीधा असर उन हजारों परिवारों पर पड़ेगा, जो लंबे समय से भारत में रह रहे हैं लेकिन नागरिकता प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। सरकार का कहना है कि अब उन्हें डर और असुरक्षा की स्थिति में जीना नहीं
