दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर 207.48 मीटर पार, ITO, कश्मीरी गेट और सचिवालय सहित कई इलाके डूबे, प्रशासन अलर्ट पर, राहत-बचाव जारी।
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए 207.48 मीटर तक पहुँच गया है, जो खतरे के निशान से ऊपर है। राजधानी के कई निचले इलाके जलमग्न हो चुके हैं, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। विशेष रूप से ITO, कश्मीरी गेट, राजघाट, सचिवालय और आसपास के इलाकों में पानी भरने से यातायात और प्रशासन दोनों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
जलस्तर बढ़ने से बिगड़ी स्थिति
पिछले कुछ दिनों से यमुना नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है। हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया है। इससे यमुना किनारे बसे कई बस्तियों और कॉलोनियों में पानी भर गया है। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
प्रमुख इलाकों में जलभराव
दिल्ली का ITO क्षेत्र पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है, जिससे राजधानी की सबसे व्यस्त सड़कों में से एक पर आवागमन लगभग ठप हो गया है। कश्मीरी गेट बस अड्डे और दिल्ली सचिवालय परिसर में भी पानी भर गया है। यह हालात न केवल आम नागरिकों बल्कि सरकारी कार्यों को भी प्रभावित कर रहे हैं।
राहत और बचाव कार्य
दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), एनडीआरएफ और स्थानीय पुलिस मिलकर राहत कार्य में जुटे हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। जिन परिवारों का घर पानी में डूब गया है, उन्हें अस्थायी राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है।
मौसम विभाग का अनुमान
मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल मौसम में बड़े बदलाव के कोई आसार नहीं हैं। इसका मतलब है कि फिलहाल यमुना का जलस्तर घटने की संभावना बहुत कम है। लगातार हो रही बरसात और बैराज से छोड़े जा रहे पानी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
व्यापार और शिक्षा पर असर
यमुना का जलस्तर बढ़ने का असर व्यापारिक गतिविधियों पर भी देखा जा रहा है। पुराने दिल्ली के बाजारों में पानी भरने से दुकानें बंद करनी पड़ी हैं। स्कूलों में भी छुट्टियाँ घोषित कर दी गई हैं।
सरकार की अपील
दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। साथ ही, प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में राहत और बचाव कार्य में लापरवाही न बरती जाए।
ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरनाक स्तर से ऊपर गया हो। 2013 और 2023 में भी यमुना के जलस्तर बढ़ने से दिल्ली के कई हिस्से डूब गए थे। लेकिन इस बार का जलस्तर और भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह सामान्य स्तर से कहीं अधिक पहुँच गया है।
नागरिकों की परेशानियाँ
जलमग्न इलाकों में रह रहे लोगों को खाने-पीने के सामान और दवाइयों की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर बिजली काट दी गई है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
विशेषज्ञों की राय
जल विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली को हर साल इस तरह की बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। इसके समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना की जरूरत है, जिसमें यमुना नदी के तटबंधों को मजबूत करना और जल निकासी प्रणाली को बेहतर बनाना शामिल है।
