रायपुर में नागरिकों को सायबर फ्रॉड से बचाव और डिजिटल सुरक्षा पर जागरूक किया गया, साइबर अपराधियों से सुरक्षा के उपाय और सचेत रहने की जानकारी दी गई।
नंदिनी अहिवारा| छत्तीसगढ़ – डिजिटल युग में सायबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। इसी को देखते हुए शहर में नागरिकों को सायबर फ्रॉड से बचने और ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान आयोजित किया गया।
इस अभियान का आयोजन स्थानीय पुलिस विभाग और साइबर सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में साइबर विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड के तरीकों और उनसे बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
विशेषज्ञों ने बताया कि फिशिंग ईमेल, नकली वेबसाइट, सोशल मीडिया पर फ्रॉड, ऑनलाइन बैंकिंग ठगी और मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए ठगी जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। उन्होंने नागरिकों को सजग रहने, किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करने, और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचने की सलाह दी।
कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों ने सवाल किए और विशेषज्ञों ने उनका व्यावहारिक और सरल समाधान प्रदान किया। बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष रूप से सायबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए।
इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि डिजिटल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है, लेकिन जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध संदेश, कॉल या ईमेल को नजरअंदाज करें और आवश्यक होने पर तुरंत पुलिस या संबंधित बैंक/संस्था को सूचित करें।
अभियान के दौरान लाइव डेमो और साइबर सिक्योरिटी एप्लिकेशन की जानकारी भी दी गई, जिससे नागरिक वास्तविक समय में खतरे को पहचान सकें और सुरक्षित ऑनलाइन लेन-देन कर सकें।
इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम नागरिकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि डिजिटल दुनिया में बढ़ते फ्रॉड के खतरे को समझना और उससे बचाव करना आज की आवश्यकता है।
जागरूकता अभियान का उद्देश्य लोगों में डिजिटल सुरक्षा को लेकर सजगता पैदा करना, फ्रॉड से बचाव के उपाय बताना और साइबर अपराधियों के खिलाफ सतर्क रहने की प्रेरणा देना था।
