NHM कर्मचारी संघ के अध्यक्ष को पुलिस ने हिरासत में लिया, सैकड़ों कर्मचारी थाने पहुंचे, वेतन और सुविधा विवाद पर कर्मचारियों में भारी आक्रोश।
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ में NHM कर्मचारियों और अधिकारी संघ के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को संघ के कार्यकारी अध्यक्ष डिप्टी मुख्यमंत्री अरुण साव से मिलने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद सैकड़ों कर्मचारी थाने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे।
घटना का विवरण
NHM कर्मचारियों ने दावा किया कि वे डिप्टी सीएम से वेतन, सुविधाओं और हड़ताल के मुद्दों पर चर्चा करने आए थे। लेकिन पुलिस ने उन्हें थाने ले जाकर हिरासत में रखा, जिससे कर्मचारियों में भारी आक्रोश उत्पन्न हुआ।
कर्मचारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्वक मिलने आए थे, लेकिन प्रशासन की कार्रवाई से उनका अधिकार और सम्मान ठेस पहुंचा है। इसके चलते सैकड़ों कर्मचारी थाने के बाहर जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस ने बताया कि कार्यकारी अध्यक्ष को हिरासत में लाने का उद्देश्य केवल सुरक्षा और शांति बनाए रखना था। उन्होंने कहा कि कर्मचारी संघ से संपर्क करके मामले को संयमित और कानूनी तरीके से निपटाया जाएगा।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि NHM कर्मचारियों की समस्याओं पर सरकार गंभीर है और उचित संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाएगा।
कर्मचारियों का आक्रोश
कर्मचारियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से उनकी समस्याओं को सरकार ने अनसुना किया है। वे लगातार वेतन विसंगति, सुविधा की कमी और हड़ताल जैसी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं।
कार्यकारी अध्यक्ष ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि वह शांति और संयम के साथ संघर्ष जारी रखेंगे और जल्द ही सरकार से उचित समाधान निकलवाने का प्रयास करेंगे।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव
इस घटना से राज्य में NHM कर्मचारियों और प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला सरकार के लिए चुनौती बन सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि वे न्यायपूर्ण समाधान चाहते हैं और इसके लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
भविष्य की योजना
NHM कर्मचारियों ने कहा कि अगर सरकार समस्या का समाधान जल्द नहीं करती, तो वह बड़े आंदोलन और हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं। सरकार ने भी आश्वासन दिया कि कर्मचारियों की मांगों पर विस्तृत विचार किया जाएगा।
