रायगढ़ में आज से शुरू होगा भव्य चक्रधर समारोह। महाराजा चक्रधर सिंह की स्मृति में आयोजित इस सांस्कृतिक आयोजन के लिए CM विष्णुदेव साय ने कला-प्रेमियों को आमंत्रित किया।
रायगढ़। महाराजा चक्रधर सिंह की स्मृति में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक चक्रधर समारोह आज से रायगढ़ में भव्यता के साथ आरंभ हो रहा है। यह आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के कला और संस्कृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र माना जाता है। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (ट्विटर) के माध्यम से कला प्रेमियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि रायगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को दुनिया तक पहुंचाने में इस आयोजन की बड़ी भूमिका है।
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चक्रधर समारोह का ऐतिहासिक महत्व
महाराजा चक्रधर सिंह न केवल रायगढ़ रियासत के शासक थे, बल्कि स्वयं एक महान नर्तक और संगीतज्ञ भी थे। उन्होंने शास्त्रीय संगीत और नृत्य को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी स्मृति में आयोजित यह समारोह पिछले कई दशकों से भारतीय शास्त्रीय कला की परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है।
समारोह में होगा विविध सांस्कृतिक आयोजन
समारोह में इस बार देशभर से ख्यातिप्राप्त कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। शास्त्रीय संगीत, कत्थक, भरतनाट्यम, ओडिसी, मणिपुरी सहित लोकनृत्य और लोकगीत की प्रस्तुतियाँ इस आयोजन की विशेषता रहेंगी। आयोजकों ने बताया कि मंच पर युवा कलाकारों के साथ-साथ वरिष्ठ गुरु और पद्म पुरस्कार से सम्मानित कलाकार भी प्रस्तुति देंगे।
मुख्यमंत्री का आमंत्रण और संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ट्वीट कर कहा, “चक्रधर समारोह छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। मैं सभी कला प्रेमियों को इस भव्य आयोजन का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता हूँ।” उन्होंने आगे कहा कि इस आयोजन के माध्यम से आने वाली पीढ़ियाँ न केवल भारतीय कला और संस्कृति से रूबरू होंगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की पहचान को भी मजबूती मिलेगी।
स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव
रायगढ़ को ‘कला की नगरी’ कहा जाता है और चक्रधर समारोह ने इसे राष्ट्रीय पहचान दिलाई है। इस आयोजन से स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलता है, जहाँ वे अपनी प्रतिभा को देशभर के दर्शकों के सामने प्रस्तुत कर सकते हैं। साथ ही यह आयोजन पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाता है।
सुरक्षा और व्यवस्थाओं की पूरी तैयारी
प्रशासन ने बताया कि इस बार समारोह स्थल पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। दर्शकों के लिए बैठने की उत्तम व्यवस्था, पार्किंग और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही समारोह स्थल को रंग-बिरंगी रोशनी और पारंपरिक सजावट से सजाया गया है।
निष्कर्ष
चक्रधर समारोह केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध परंपरा और कला के प्रति लोगों के प्रेम का प्रतीक है। महाराजा चक्रधर सिंह की याद में आयोजित यह आयोजन हर साल नई ऊँचाइयाँ छू रहा है और इस बार भी दर्शक इसे लंबे समय तक याद रखेंगे।
