जम्मू-कटरा मार्ग पर भूस्खलन से बड़ा हादसा, 31 मृत, 23 घायल। हाईवे बंद, एनडीआरएफ राहत कार्य में जुटी, पीएम मोदी ने जताया शोक।
जम्मू-कश्मीर में शनिवार को मां वैष्णो देवी धाम जाने वाले मार्ग पर बड़ा हादसा हुआ। भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन में 31 लोगों की मौत हो गई और 23 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस हादसे के बाद जम्मू-कटरा राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए सेना व एनडीआरएफ की टीमों को मौके पर तैनात किया है।
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हादसे की शुरुआत कैसे हुई
जानकारी के मुताबिक, सुबह से ही कटरा और आसपास के इलाकों में लगातार तेज बारिश हो रही थी। जैसे ही यात्री जम्मू से कटरा की ओर बढ़ रहे थे, तभी धाम के रास्ते पर अचानक बड़े पैमाने पर भूस्खलन हो गया। देखते ही देखते मलबा और पत्थर सड़क पर गिरने लगे। कई गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय लोगों और पुलिस ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया, लेकिन लगातार हो रही बारिश और फिसलन ने बचाव कार्य को कठिन बना दिया। कई श्रद्धालु रास्ते में फंस गए, जिन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
मृतक और घायलों की पहचान
अब तक की जानकारी के अनुसार मृतकों की संख्या 31 हो चुकी है और 23 लोग घायल हैं। घायलों को कटरा और जम्मू के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रशासन मृतकों की पहचान करने की कोशिश कर रहा है, ताकि उनके परिजनों को सूचना दी जा सके।
यातायात व्यवस्था पर असर
जम्मू-कटरा राष्ट्रीय राजमार्ग इस भूस्खलन के चलते पूरी तरह से बंद हो गया है। सैकड़ों वाहन सड़क पर फंसे हुए हैं। यातायात विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे बिना आधिकारिक अनुमति और जानकारी के यात्रा न करें। प्रशासन की ओर से यात्रियों को अस्थायी ठहराव की व्यवस्था की जा रही है।
राहत और बचाव कार्य
एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और सेना की टीमें संयुक्त रूप से राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्थानीय लोग भी प्रशासन की मदद कर रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और घायलों के इलाज के लिए विशेष मेडिकल टीमें तैनात की हैं।
मुख्यमंत्री और पीएम ने जताया शोक
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने हादसे पर गहरा दुख जताया और पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद का भरोसा दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की।
पीएम ने ट्वीट कर कहा – “वैष्णो देवी धाम के मार्ग पर हुए भूस्खलन से हुई जानमाल की क्षति अत्यंत दुखद है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”
श्रद्धालुओं में दहशत
इस हादसे के बाद श्रद्धालुओं में दहशत का माहौल है। कई लोग यात्रा रद्द कर लौट रहे हैं। वहीं, कटरा में रुके हजारों यात्रियों को सुरक्षा कारणों से आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।
भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था
यह हादसा एक बार फिर से सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़ा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जम्मू-कटरा मार्ग पर मानसून के दौरान भूस्खलन की संभावना हमेशा बनी रहती है। ऐसे में यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को अधिक सतर्क रहना होगा।
सरकार ने कहा है कि हाईवे को जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाएगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
निष्कर्ष
वैष्णो देवी धाम के मार्ग पर हुआ यह भूस्खलन न केवल श्रद्धालुओं बल्कि पूरे देश के लिए दुखद है। जहां एक ओर लोग मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए यात्रा पर निकले थे, वहीं अचानक हुई इस त्रासदी ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। अब पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों।
