गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
ताज़ा खबर
Advertisement

केंद्र ने CM रेखा गुप्ता से CRPF जेड सुरक्षा

देश ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 25 August 2025

केंद्र ने दिल्ली CM रेखा गुप्ता की CRPF ‘जेड’ सुरक्षा वापस ली। अब सुरक्षा जिम्मेदारी दिल्ली पुलिस के हाथों में, राजनीतिक हलकों में शुरू हुई बहस।

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब तक उन्हें दी गई केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा को वापस ले लिया गया है। इसके स्थान पर अब उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह दिल्ली पुलिस को सौंप दी गई है। इस निर्णय के साथ राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है, क्योंकि सुरक्षा का मुद्दा हमेशा से संवेदनशील माना जाता रहा है।

Read it loud

CRPF से सुरक्षा हटाने का फैसला

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों से मिले इनपुट और ताजा खतरे के आकलन के आधार पर यह निर्णय लिया है। समीक्षा बैठक में पाया गया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के लिए मौजूदा खतरे का स्तर ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा के अनुरूप नहीं है। इसी आधार पर सुरक्षा का पुनर्गठन किया गया है।

अब दिल्ली पुलिस पर जिम्मेदारी

नए प्रावधान के तहत अब दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा और वीआईपी सुरक्षा इकाई मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सुरक्षा संभालेगी। गृह मंत्रालय का मानना है कि चूंकि मुख्यमंत्री दिल्ली में ही कार्यरत रहती हैं और उनकी ज्यादातर गतिविधियां राजधानी तक सीमित रहती हैं, इसलिए दिल्ली पुलिस उनकी सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर तरीके से संभाल सकती है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

इस फैसले पर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि केंद्र ने राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते मुख्यमंत्री की सुरक्षा कम की है। उनका कहना है कि संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति की सुरक्षा राजनीति से प्रेरित होकर नहीं तय की जानी चाहिए।
वहीं, सत्ता पक्ष ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय केवल सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और खतरे के स्तर के आधार पर लिया गया है, इसमें राजनीति की कोई भूमिका नहीं है।

सुरक्षा कवर की श्रेणियां

भारत में वीआईपी सुरक्षा कवर विभिन्न श्रेणियों में बांटा जाता है—‘एक्स’, ‘वाई’, ‘जेड’ और ‘जेड प्लस’। इनमें ‘जेड प्लस’ सबसे उच्च स्तर की सुरक्षा मानी जाती है, जिसमें NSG या CRPF के कमांडो शामिल होते हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को अब तक ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी, लेकिन अब इसे हटाकर राज्य पुलिस के हवाले कर दिया गया है।

जनता की चिंता

मुख्यमंत्री के समर्थकों और जनता का एक तबका इसे लेकर चिंतित है। उनका कहना है कि राजधानी में अक्सर प्रदर्शन, धरना और विरोध के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण रहती है। ऐसे में मुख्यमंत्री की सुरक्षा केवल दिल्ली पुलिस पर छोड़ना कितना सुरक्षित होगा, यह आने वाला समय बताएगा।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सुरक्षा व्यवस्था में यह बड़ा बदलाव केंद्र और राज्य के बीच नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे सकता है। एक ओर केंद्र इसे सुरक्षा समीक्षा का हिस्सा बता रहा है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे राजनीतिक कदम करार दे रहा है। अब देखना यह होगा कि इस बदलाव के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा कितनी प्रभावी रहती है और राजनीतिक हलकों में यह मुद्दा कितनी दूर तक गूंजता है।

संबंधित खबरें

अपनी प्रतिक्रिया दें

Your email address will not be published. Required fields are marked *

मुफ़्त जन्म कुंडली — MahaJyotish