NIT रायपुर में मेडिकल डिवाइस पर एमटेक कोर्स शुरू। छात्रों को हेल्थकेयर सेक्टर में नए करियर अवसर, रिसर्च और स्टार्टअप के लिए बेहतर संभावनाएँ मिलेंगी।
रायपुर। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को एक नई पहचान मिलने जा रही है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) रायपुर ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 से एक नया और अभिनव कोर्स शुरू करने की घोषणा की है। यह कोर्स एम.टेक. इन मेडिकल डिवाइस होगा। इस कोर्स की शुरुआत से छात्रों को हेल्थकेयर सेक्टर और बायोमेडिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नए करियर अवसर मिलेंगे।
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हेल्थकेयर सेक्टर में बढ़ती मांग
भारत में हेल्थकेयर सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और इसके साथ ही मेडिकल डिवाइस उद्योग भी विस्तार कर रहा है। डायग्नोस्टिक उपकरण, इमेजिंग सिस्टम, वियरेबल डिवाइस और सर्जिकल इंस्ट्रूमेंट्स जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता की मांग बढ़ रही है। ऐसे में NIT रायपुर का यह कदम छात्रों के लिए रोजगार और शोध के नए द्वार खोलेगा।
NIT रायपुर का विज़न
संस्थान के निदेशक ने बताया कि यह कोर्स न केवल तकनीकी शिक्षा का नया अध्याय होगा बल्कि स्टार्टअप और इनोवेशन इकोसिस्टम को भी मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि “छात्रों को मेडिकल डिवाइस के डिजाइन, विकास, परीक्षण और उत्पादन की गहन जानकारी दी जाएगी। यह कोर्स उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएगा।”
कोर्स की संरचना
- कोर्स की अवधि दो वर्ष होगी।
- इसमें बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैटेरियल साइंस, और मशीन लर्निंग से संबंधित विषय पढ़ाए जाएंगे।
- छात्रों को लैब प्रैक्टिकल्स, इंडस्ट्री इंटर्नशिप और रिसर्च प्रोजेक्ट्स भी करने होंगे।
- संस्थान प्रमुख मेडिकल उपकरण कंपनियों और अस्पतालों के साथ साझेदारी कर छात्रों को वास्तविक अनुभव प्रदान करेगा।
छात्रों के लिए लाभ
- नए करियर विकल्प – मेडिकल डिवाइस कंपनियों, अस्पतालों और शोध संस्थानों में नौकरी के अवसर।
- स्टार्टअप की संभावना – छात्र खुद का इनोवेशन और स्टार्टअप शुरू कर सकेंगे।
- विदेशी अवसर – बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में ग्लोबल डिमांड को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी करियर की संभावना।
- रिसर्च में योगदान – भारत को मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने में सहयोग।
इंडस्ट्री के लिए फायदेमंद
मेडिकल डिवाइस इंडस्ट्री लंबे समय से योग्य प्रोफेशनल्स की कमी से जूझ रही थी। इस कोर्स से प्रशिक्षित छात्र कंपनियों को रिसर्च और डेवलपमेंट में सहयोग करेंगे। साथ ही, मेड इन इंडिया मेडिकल डिवाइस मिशन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों की राय
हेल्थकेयर एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह कदम मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देगा। डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधकों ने भी कहा कि घरेलू स्तर पर प्रशिक्षित इंजीनियर मिलने से आयात पर निर्भरता घटेगी।
छत्तीसगढ़ के लिए गौरव
यह पहल छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव की बात है। इससे राज्य का नाम उच्च तकनीकी शिक्षा और इनोवेशन हब के रूप में स्थापित होगा।
छात्रों की प्रतिक्रिया
NIT रायपुर के छात्रों में इस नए कोर्स को लेकर उत्साह है। एक छात्र ने कहा – “यह कोर्स हमें मेडिकल और टेक्नोलॉजी दोनों क्षेत्रों का मिश्रण देगा। हमारे लिए यह सुनहरा मौका है।”
भविष्य की दिशा
इस कोर्स के शुरू होने से न केवल छात्रों को करियर विकल्प मिलेंगे बल्कि भारत को हेल्थकेयर सेक्टर में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में भी मदद मिलेगी।
