DGP अरुण देव गौतम ने सरप्राइज मीटिंग में रेंज अफसरों को अपराध नियंत्रण के निर्देश दिए। चाकूबाज और नशेड़ियों पर सख्ती बरतने के आदेश।
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते अपराध और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने सरप्राइज मीटिंग कर अफसरों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में सभी रेंज अफसरों को स्पष्ट शब्दों में कहा गया कि जनता को सुरक्षित महसूस कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। खासतौर पर चाकूबाजी और नशे की घटनाओं पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की जाए।
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बैठक में हाल ही में सामने आए कई आपराधिक मामलों पर चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर आधुनिक तकनीक और बेहतर पुलिसिंग अपनानी होगी।
अपराध रोकथाम को लेकर सख्त रुख
DGP गौतम ने कहा कि अपराधियों को यह महसूस होना चाहिए कि कानून से बड़ा कोई नहीं है। रेंज अफसरों को आदेश दिया गया कि थानों में आने वाली हर शिकायत को गंभीरता से लें और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने साफ कहा कि अपराधियों पर सख्ती दिखाना ही नहीं बल्कि जनता का भरोसा जीतना भी उतना ही जरूरी है।
चाकूबाजों और नशेड़ियों पर नजर
बैठक में राजधानी समेत कई जिलों में चाकूबाजी और नशे की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई गई। डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर तुरंत कार्रवाई की जाए। नशे के कारोबार में लिप्त लोगों की गिरफ्तारी, अवैध शराब और ड्रग्स की सप्लाई पर रोक लगाने को प्राथमिकता दी जाए।
जन सुरक्षा को प्राथमिकता
DGP ने कहा कि आम जनता को यह महसूस होना चाहिए कि पुलिस उनके लिए है। इसके लिए हर थाने में गश्त बढ़ाने, हॉटस्पॉट क्षेत्रों में निगरानी रखने और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग करने पर जोर दिया गया।
तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर
बैठक में साइबर क्राइम और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने निर्देश दिया कि साइबर सेल को और सक्रिय किया जाए और अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ा जाए।
अपराध पर लगाम के लिए रणनीति
- थानों में गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।
- चाकूबाजी और नशे से जुड़े अपराधियों की लिस्ट तैयार होगी।
- नशे के नेटवर्क पर बड़े पैमाने पर कार्रवाई होगी।
- साइबर क्राइम पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
- जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
DGP गौतम ने कहा कि अगर अपराध नियंत्रण में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराध रोकथाम केवल आंकड़ों में सुधार नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर जनता को सुरक्षा देने से है।
जनता का भरोसा जीतना जरूरी
डीजीपी ने कहा कि पुलिस की कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि जनता बिना डर के अपनी शिकायत दर्ज करा सके। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि थाने में आने वाले हर व्यक्ति के साथ संवेदनशीलता से पेश आएं।
निष्कर्ष
DGP अरुण देव गौतम की इस सरप्राइज मीटिंग ने पुलिस महकमे को कड़ा संदेश दिया है कि अपराधियों पर तुरंत और सख्त कार्रवाई जरूरी है। सरकार और पुलिस विभाग की प्राथमिकता अब जनता को सुरक्षित और भरोसेमंद माहौल उपलब्ध कराना है।
