बिलासपुर.में दुष्कर्म आरोपी थाने से फरार, पुलिस महकमे में हड़कंप। एसएसपी ने दो आरक्षक निलंबित किए, आरोपी की तलाश तेज, परिवार ने जताई नाराज़गी।
बिलासपुर.। राजधानी में उस समय सनसनी फैल गई जब दुष्कर्म के एक आरोपी ने पुलिस की लापरवाही का फायदा उठाकर थाने से फरार हो गया। यह घटना न सिर्फ पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाती है बल्कि पीड़िता और समाज के लिए चिंता का विषय भी है। इस मामले में बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरक्षकों को तत्काल निलंबित कर दिया है।
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घटना कैसे हुई
जानकारी के अनुसार, आरोपी को दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार कर थाने लाया गया था। लेकिन पुलिस हिरासत के दौरान ही आरोपी ने चालाकी दिखाते हुए आरक्षकों को चकमा दे दिया और फरार हो गया। बताया जा रहा है कि घटना रात के समय हुई, जब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी आरोपी पर ठीक से निगरानी नहीं रख पाए।
पुलिस महकमे में हड़कंप
घटना सामने आते ही पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। यह घटना सीधे-सीधे सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक मानी जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी मिलते ही तुरंत जांच बिठाई गई और फरार आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई।
एसएसपी का सख्त रुख
बिलासपुर.के एसएसपी रजनेश सिंह ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में पुलिस हिरासत से आरोपी का भाग जाना अस्वीकार्य है। उन्होंने संबंधित थाने के दो आरक्षकों को तत्काल निलंबित करने के आदेश दिए और स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आरोपी की तलाश जारी
फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार आरोपी की तलाश में जुटी हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। आसपास के जिलों को भी अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पीड़िता के परिवार में आक्रोश
इस घटना के बाद पीड़िता और उसके परिवार ने पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी का फरार हो जाना उनके लिए भय और चिंता का कारण है। उन्होंने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है और पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है।
विपक्ष का हमला
विपक्षी दलों ने इस घटना को सरकार और पुलिस प्रशासन की बड़ी नाकामी करार दिया है। उनका कहना है कि जब थाने में ही आरोपी सुरक्षित नहीं रह पा रहा तो आम जनता अपनी सुरक्षा की गारंटी कैसे मान ले।
विशेषज्ञों की राय
कानून विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पुलिस की छवि को धूमिल करती हैं। ऐसे मामलों में पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
पुलिस की जवाबदेही
इस घटना ने एक बार फिर पुलिस हिरासत और सुरक्षा तंत्र की खामियों को उजागर कर दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस आरोपी को कितनी जल्दी पकड़ पाती है और लापरवाही बरतने वालों पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
