टीआई लक्ष्मण केंवट को राष्ट्रपति शौर्य चक्र से सम्मानित करेंगी। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बहादुरी से लड़े, अब तक 92 नक्सली मार गिराए।
पखांजूर: छत्तीसगढ़ के वीर पुलिस अधिकारी टीआई लक्ष्मण केंवट को उनके साहस और अदम्य पराक्रम के लिए देश का प्रतिष्ठित शौर्य चक्र सम्मान प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रपति द्वारा यह सम्मान उन्हें प्रदान किया जाएगा, जिससे पूरे राज्य में गर्व और उत्साह का माहौल है।
Read it loud
टीआई लक्ष्मण केंवट वर्तमान में पखांजूर में पदस्थ हैं। उन्होंने अपने करियर में कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी बहादुरी से मिसाल कायम की। बीजापुर में पोस्टिंग मिलने के बाद एक समय उन्होंने सोचा था कि यह क्षेत्र इतना चुनौतीपूर्ण है कि शायद नौकरी छोड़ना पड़े, लेकिन उन्होंने हार मानने की बजाय आर-पार की लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया।
अपने संघर्ष और दृढ़ निश्चय के बल पर टीआई केंवट ने अब तक 92 नक्सलियों का सफाया किया है। उनकी इस वीरता ने न केवल पुलिस बल का मनोबल बढ़ाया बल्कि नक्सलियों के हौसले भी पस्त किए।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में परिस्थितियां बेहद कठिन थीं, जंगलों में हर कदम पर जान का खतरा था, लेकिन उन्होंने डटकर सामना किया। अपनी टीम के साथ उन्होंने कई बड़े अभियान सफलतापूर्वक चलाए और कई खतरनाक नक्सलियों को धराशायी किया।
टीआई केंवट की इस उपलब्धि पर उनके परिवार, साथियों और छत्तीसगढ़ पुलिस ने गर्व व्यक्त किया है। राज्य के लोगों का मानना है कि उनकी वीरता और समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात सुरक्षा बलों के लिए यह सम्मान एक बड़ी प्रेरणा है। यह संदेश देता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी साहस और समर्पण के साथ काम करने पर असंभव को संभव किया जा सकता है।
टीआई लक्ष्मण केंवट ने अपने बयान में कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि पूरी टीम और राज्य की जनता का है, जिनके सहयोग और समर्थन से यह संभव हो पाया।
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद से लड़ाई लंबे समय से जारी है और इस लड़ाई में पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना देश की रक्षा की है। टीआई केंवट जैसे जांबाज अधिकारी इस संघर्ष को नई दिशा दे रहे हैं।
राष्ट्रपति द्वारा शौर्य चक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ की धरती वीर सपूतों से भरी पड़ी है। टीआई केंवट का यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगा और उन्हें कर्तव्यनिष्ठा, साहस और पराक्रम की राह पर चलने की प्रेरणा देगा।
