रायपुर रेलवे डिवीजन में ड्राइवरों ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। ड्यूटी समय, व्यवहार और सुरक्षा मानकों को लेकर हड़ताल की चेतावनी दी, यात्री सेवाएं प्रभावित होने की आशंका।
रायपुर रेलवे डिवीजन में एक नए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। ट्रेन ड्राइवरों (लोको पायलट्स) ने रेलवे अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं और हड़ताल की चेतावनी दी है, जिससे आगामी दिनों में यातायात व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।
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सूत्रों के अनुसार, लोको पायलट्स का कहना है कि अधिकारियों द्वारा कार्य के दौरान उनके साथ दुर्व्यवहार, अनुचित दबाव और नियमों की अनदेखी की जा रही है। ड्राइवरों का आरोप है कि लगातार ओवरटाइम और बिना पर्याप्त विश्राम के लंबी ड्यूटी करवाई जा रही है, जिससे उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है।
ड्राइवरों के आरोप
ड्राइवर यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि रेल सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। उनका दावा है कि कई बार थकान की स्थिति में ट्रेन चलानी पड़ती है, जो न केवल ड्राइवरों बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है।
एक वरिष्ठ लोको पायलट ने कहा –
“हमारी ड्यूटी के घंटे तय नहीं हैं। 12-14 घंटे तक ड्यूटी करना आम बात हो गई है। आराम का समय नहीं मिलता और ऊपर से अधिकारियों का व्यवहार अपमानजनक है।”
हड़ताल की तैयारी
रेलवे ड्राइवर यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे हड़ताल पर जाएंगे। यूनियन ने मांग रखी है कि—
- ड्यूटी समय का पालन किया जाए।
- अधिकारियों के व्यवहार में सुधार हो।
- उचित विश्राम और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
- कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए।
यूनियन के महासचिव ने बताया कि आने वाले सप्ताह में बैठक के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा।
रेलवे प्रशासन का जवाब
रायपुर रेलवे डिवीजन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ड्राइवरों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है और जल्द ही बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश होगी। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन हमेशा प्राथमिकता है और किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा।
संभावित असर
यदि हड़ताल होती है तो रायपुर रेलवे डिवीजन से गुजरने वाली कई यात्री और मालगाड़ियां प्रभावित हो सकती हैं। इससे न केवल यात्रियों को परेशानी होगी, बल्कि माल ढुलाई पर भी असर पड़ेगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में रुकावट आ सकती है।
यात्रियों की चिंता
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर चिंता व्यक्त की है कि अगर हड़ताल हुई तो उन्हें यात्रा की योजनाओं में बदलाव करना पड़ेगा। कुछ ने प्रशासन से अपील की है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान किया जाए।
निष्कर्ष
रायपुर रेलवे में ड्राइवरों और अधिकारियों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। आने वाले दिनों में रेलवे प्रशासन और यूनियन के बीच बातचीत इस विवाद का भविष्य तय करेगी। यात्रियों और उद्योग जगत की निगाहें अब इस मामले के समाधान पर टिकी हैं।





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