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स्वतंत्रता दिवस पर वक्फ बोर्ड का तिरंगा फहराने निर्देश

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 12 August 2025

छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने स्वतंत्रता दिवस पर मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों में तिरंगा फहराने के आदेश जारी किए, गरिमा बनाए रखने और सामूहिक सहभागिता पर जोर दिया।

रायपुर। आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश में प्रदेश की सभी मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों में 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने के निर्देश दिए गए हैं। वक्फ बोर्ड ने सभी मुतवल्लियों (प्रबंधकों) को यह भी नसीहत दी है कि इस कार्यक्रम के दौरान देश की गरिमा और तिरंगे के सम्मान का विशेष ध्यान रखा जाए।

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वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि यह निर्णय देशभक्ति और एकता के संदेश को मजबूत करने के लिए लिया गया है। उन्होंने बताया कि सभी धार्मिक और शैक्षिक संस्थानों में सुबह निर्धारित समय पर ध्वजारोहण होगा, जिसके बाद राष्ट्रगान और स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर संबोधन भी होगा।

निर्देशों में शामिल मुख्य बिंदु

  1. ध्वजारोहण का समय – 15 अगस्त की सुबह निर्धारित समय पर ही तिरंगा फहराया जाए।
  2. राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान – तिरंगे को साफ-सुथरे और उचित तरीके से फहराया जाए, ताकि इसकी गरिमा बनी रहे।
  3. सांस्कृतिक कार्यक्रम – ध्वजारोहण के बाद देशभक्ति गीत, भाषण और निबंध प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
  4. सामूहिक सहभागिता – इस आयोजन में स्थानीय समुदाय के लोगों को भी आमंत्रित किया जाए, जिससे आपसी सौहार्द और एकजुटता का संदेश पहुंचे।

वक्फ बोर्ड के सचिव ने बताया कि इन निर्देशों का पालन अनिवार्य है और इसके लिए संबंधित जिलों के वक्फ निरीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। किसी भी संस्था में ध्वजारोहण न होने की स्थिति में उचित कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय एकता और सामाजिक संदेश
इस पहल को सामाजिक और धार्मिक एकता की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। वक्फ बोर्ड का मानना है कि मस्जिदों, दरगाहों और मदरसों में तिरंगा फहराने से न केवल देशभक्ति की भावना को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का संदेश देगा।

कई धार्मिक नेताओं और समाजसेवियों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि यह निर्णय सभी समुदायों को जोड़ने और राष्ट्रीय पर्व को व्यापक स्तर पर मनाने की एक अच्छी पहल है।

ऐतिहासिक संदर्भ
धार्मिक स्थलों पर तिरंगा फहराने की परंपरा नई नहीं है, लेकिन इसे संगठित रूप में लागू करने का यह प्रयास राज्य स्तर पर पहली बार हो रहा है। इससे पहले भी कुछ संस्थानों में व्यक्तिगत स्तर पर यह आयोजन किया जाता रहा है, लेकिन अब वक्फ बोर्ड के आदेश से यह एक व्यापक अभियान का रूप ले लेगा।

निष्कर्ष
वक्फ बोर्ड का यह आदेश 15 अगस्त को एक ऐतिहासिक और भावनात्मक आयोजन बनाने की दिशा में अहम साबित होगा। इससे धार्मिक स्थलों पर भी राष्ट्रीय ध्वज की शान बढ़ेगी और एकता, भाईचारे व देशभक्ति का संदेश पूरे समाज में फैलेगा।


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