रायपुर। के गुरुकुल महिला महाविद्यालय में एंटी रैगिंग डे आयोजित, मुख्य अतिथि डॉ. किरणमयी नायक ने छात्राओं को रैगिंग रोकथाम और कानूनी अधिकारों पर किया जागरूक।
रायपुर। गुरुकुल महिला महाविद्यालय में शनिवार को ’एंटी रैगिंग डे’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और समाजसेवी डॉ. किरणमयी नायक ने शिरकत की। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में रैगिंग जैसी सामाजिक बुराई के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित शैक्षणिक माहौल सुनिश्चित करना था।
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कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। महाविद्यालय की प्राचार्या ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि रैगिंग केवल एक अपराध ही नहीं बल्कि यह विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की रैगिंग की घटना की तुरंत शिकायत करें।
मुख्य अतिथि डॉ. किरणमयी नायक ने अपने संबोधन में कहा कि रैगिंग केवल वरिष्ठ और कनिष्ठ छात्रों के बीच का मज़ाक नहीं है, बल्कि यह कई बार गंभीर मानसिक और शारीरिक नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों में रैगिंग को रोकने के लिए कड़े कानून और सख्त कार्रवाई का प्रावधान है, और छात्राओं को अपने अधिकार और सुरक्षा उपायों की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
उन्होंने रैगिंग को रोकने के लिए “शून्य सहिष्णुता नीति” (Zero Tolerance Policy) अपनाने पर जोर दिया और बताया कि ऐसे मामलों में तुरंत प्रशासन, पुलिस और एंटी रैगिंग कमेटी से संपर्क करना चाहिए।
कार्यक्रम में कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी के सदस्यों ने छात्राओं को कानूनी प्रावधानों, शिकायत प्रक्रिया और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। साथ ही, स्लाइड शो और नाटक के माध्यम से रैगिंग के दुष्प्रभावों को दर्शाया गया, जिसे छात्राओं ने सराहा।
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं ने रैगिंग से संबंधित कई सवाल पूछे और विशेषज्ञों ने उनका समाधान दिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकों, स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्राओं की उपस्थिति रही। सभी ने रैगिंग मुक्त, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने का संकल्प लिया।
