छत्तीसगढ़ में बंद कार में मानसिक रोगी का शव मिला, दो दिन से था लापता, इलाके में सनसनी, पुलिस पोस्टमॉर्टम और CCTV से जांच में जुटी।
छत्तीसगढ़ के एक शांत इलाके में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक बंद कार के अंदर एक युवक का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान एक मानसिक रोगी के रूप में हुई है, जो पिछले दो दिनों से लापता था। यह घटना स्थानीय निवासियों और पुलिस दोनों के लिए रहस्यमय बनी हुई है, क्योंकि अभी तक मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है।
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घटना का विवरण
सूत्रों के अनुसार, यह घटना सोमवार सुबह की है, जब मोहल्ले के कुछ लोगों ने एक बंद पड़ी कार से बदबू आने की शिकायत की। लोगों ने पास जाकर देखा तो कार के अंदर एक व्यक्ति बेसुध पड़ा था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस मौके पर पहुंची और कार का दरवाजा तोड़कर युवक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक के पास से कोई आत्महत्या नोट नहीं मिला है।
मृतक की पहचान
पुलिस जांच में पता चला कि मृतक का नाम सुरेश (काल्पनिक नाम) था और वह मानसिक रोग से पीड़ित था। परिवार ने बताया कि वह दवा लेने से अक्सर मना कर देता था और कई बार बिना बताए घर से निकल जाता था।
पुलिस की प्रारंभिक जांच
थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। शुरुआती जांच में न तो किसी चोट के निशान मिले हैं और न ही कार में किसी तरह के संघर्ष के संकेत। पुलिस का मानना है कि संभवतः युवक का दम घुटने से निधन हुआ होगा, लेकिन इसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट से ही होगी।
इलाके में सनसनी
इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और अफवाहों का माहौल है। कुछ लोग इसे हत्या मान रहे हैं, जबकि अन्य का कहना है कि यह एक दुर्घटना हो सकती है।
परिवार का बयान
मृतक के भाई ने बताया कि सुरेश दो दिन पहले घर से निकला था और तब से उसका कोई पता नहीं था। उन्होंने कहा, “हमने उसकी बहुत तलाश की, लेकिन पता नहीं चला कि वह कार में कैसे पहुंचा।”
मनोचिकित्सक की राय
एक स्थानीय मनोचिकित्सक ने बताया कि मानसिक रोगियों को अक्सर भटकने की आदत होती है और यदि वे बंद जगह में लंबे समय तक रहें, तो दम घुटने जैसी स्थिति बन सकती है।
पुलिस की आगे की योजना
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि युवक कब और कैसे उस कार में पहुंचा। कार के मालिक से भी पूछताछ की जा रही है।
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