छत्तीसगढ़ में पकड़ी गई पाकिस्तानी ड्रग्स तस्करी की जांच में IB और NCB भी शामिल, मुख्य आरोपी की रिमांड 11 अगस्त तक बढ़ाई गई।
छत्तीसगढ़ में पकड़े गए पाकिस्तानी ड्रग्स तस्करी मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है। मामले में मुख्य आरोपी की रिमांड 11 अगस्त तक बढ़ा दी गई है, वहीं अब इस केस की जांच में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) भी सक्रिय हो गए हैं।
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गौरतलब है कि हाल ही में छत्तीसगढ़ पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया था, जो पाकिस्तान से मादक पदार्थों की तस्करी कर देश के विभिन्न राज्यों में पहुंचा रहा था। इस गिरोह की मुख्य सरगना महिला बताई जा रही है, जो कथित तौर पर ड्रग्स की खेप को छत्तीसगढ़ लाने की जिम्मेदार थी।
रिमांड पर पुलिस को मिली महत्वपूर्ण जानकारियां
पुलिस सूत्रों के अनुसार, महिला आरोपी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी के पास से बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच के बाद कई संदिग्ध नंबर और विदेशी लिंक सामने आए हैं। इसके चलते पुलिस ने रिमांड अवधि 11 अगस्त तक बढ़ाने की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया।
IB और NCB की एंट्री
इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब इंटेलिजेंस ब्यूरो और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की टीमें भी जांच में शामिल हो गई हैं। दोनों एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस तस्करी नेटवर्क का कोई संबंध अंतरराष्ट्रीय आतंकी या माफिया संगठनों से तो नहीं है।
NCB अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल राज्यस्तरीय न होकर अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है। इसलिए जांच के दायरे को दिल्ली, मुंबई, पंजाब, राजस्थान और नेपाल सीमा तक बढ़ाया गया है।
कई राज्यों में फैला नेटवर्क
जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह देश के अन्य राज्यों जैसे दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में भी सक्रिय था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ड्रग्स को छत्तीसगढ़ में स्टोर कर छोटे-छोटे सप्लायर्स के माध्यम से अन्य राज्यों में भेजा जाता था।
सोशल मीडिया के जरिए होती थी बातचीत
पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपी व्हाट्सएप कॉल और टेलीग्राम जैसे सुरक्षित माध्यमों का इस्तेमाल करती थी ताकि किसी को शक न हो। फर्जी आईडी के माध्यम से अकाउंट और फोन नंबर एक्टिवेट किए जाते थे।
महिला आरोपी की भूमिका अहम
मुख्य आरोपी महिला की भूमिका इस पूरे नेटवर्क में बेहद महत्वपूर्ण बताई जा रही है। वह न केवल ड्रग्स की खेप लाने की योजना बनाती थी, बल्कि डिलीवरी और भुगतान की व्यवस्था भी करती थी। उसके पास कई फर्जी दस्तावेज, पासपोर्ट और सिम कार्ड बरामद हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने जताई चिंता
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि ड्रग्स के खिलाफ राज्य में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने राज्य पुलिस को निर्देश दिया है कि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए और दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाए।
आने वाले दिन होंगे अहम
IB और NCB की जांच में कई नए खुलासे होने की संभावना है। आरोपी की रिमांड के दौरान पूछताछ में अगर अंतरराष्ट्रीय लिंक की पुष्टि होती है तो यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। आने वाले दिन इस जांच के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं।
