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क्रेडा चेयरमैन सवन्नी को मिली आयोग से क्लीनचिट

छत्तीसगढ़ ✍ Raja Shakti Raj Singh 🕐 8 August 2025


भूपेन्द्र सवन्नी पर 3% कमीशन के झूठे आरोपों की जांच पूरी, जांच रिपोर्ट में निर्दोष पाए गए, मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजी गई रिपोर्ट।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सोलर और ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख संस्था क्रेडा (CREDA) के चेयरमैन भूपेन्द्र सवन्नी को लेकर लगाये गए 3% कमीशन के आरोप अब बेबुनियाद साबित हुए हैं। इस मामले में की गई विभागीय जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी गई है। यह जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री सचिवालय को सौंप दी गई है, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सवन्नी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप तथ्यहीन और राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित थे।

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आरोप कैसे लगे?

कुछ महीने पहले कुछ विरोधी दलों और सोशल मीडिया पर यह आरोप लगाया गया था कि क्रेडा द्वारा संचालित परियोजनाओं में चेयरमैन द्वारा 3% कमीशन की मांग की जाती है। इन आरोपों को लेकर विपक्ष ने राज्य सरकार पर भी सवाल खड़े किए थे और इसकी उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी।

जांच प्रक्रिया और निष्कर्ष

मुख्यमंत्री के निर्देश पर इस मामले की विस्तृत विभागीय जांच करवाई गई। जांच टीम ने क्रेडा के कार्यों, टेंडरिंग प्रक्रिया, फाइल मूवमेंट, वित्तीय लेन-देन, और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों से पूछताछ की। इसके अलावा जिन प्रोजेक्ट्स में कथित अनियमितता की बात कही जा रही थी, उनकी भी ऑडिट रिपोर्ट खंगाली गई।

जांच रिपोर्ट में पाया गया कि:

  • कोई कमीशन लेन-देन का सबूत नहीं मिला।
  • टेंडर प्रक्रिया पारदर्शी रही है।
  • चेयरमैन ने किसी भी प्रोजेक्ट में निजी लाभ नहीं लिया।

रिपोर्ट में सवन्नी को आरोपों से पूरी तरह बरी किया गया है और इसे राजनीतिक बदनाम करने की कोशिश बताया गया है।

सवन्नी ने क्या कहा?

रिपोर्ट मिलने के बाद भूपेन्द्र सवन्नी ने मीडिया से बात करते हुए कहा,

“मैंने हमेशा ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का पालन किया है। जिन लोगों ने मेरे ऊपर बेबुनियाद आरोप लगाए, उन्हें अब जनता खुद जवाब देगी। मैं मुख्यमंत्री और प्रशासन का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने सच्चाई को सामने लाने का मौका दिया।”

राजनीतिक प्रतिक्रिया

भाजपा ने इस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सरकार ने अपने आदमी को बचाने के लिए जांच को प्रभावित किया है। वहीं, कांग्रेस ने इस रिपोर्ट को विपक्ष की झूठ की राजनीति पर तमाचा बताया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय की प्रतिक्रिया

सीएम सचिवालय के सूत्रों ने पुष्टि की है कि उन्हें रिपोर्ट मिल चुकी है और सरकार इसे रिकॉर्ड में दर्ज कर उचित कार्रवाई को आगे बढ़ाएगी। फिलहाल किसी भी तरह की सख्त कार्रवाई की आवश्यकता नहीं मानी जा रही क्योंकि रिपोर्ट में कोई अनियमितता नहीं मिली।


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