भिलाई स्टील प्लांट के नए निदेशक चित्तरंजन महापात्र ने मुख्यमंत्री साय से मुलाकात कर भविष्य की योजनाओं और सामाजिक योगदान पर चर्चा की।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के नए निदेशक चित्तरंजन महापात्र ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भिलाई स्टील प्लांट द्वारा राज्य के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में दिए जा रहे योगदान की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि चित्तरंजन महापात्र के नेतृत्व में प्लांट और भी बेहतर कार्य करेगा और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Read it loud
मुख्यमंत्री और निदेशक के बीच हुई सौजन्य चर्चा
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान चित्तरंजन महापात्र ने प्लांट की वर्तमान स्थिति, उत्पादन क्षमता, भविष्य की योजनाएं और CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भिलाई स्टील प्लांट न केवल इस्पात उत्पादन में अग्रणी है बल्कि सामाजिक क्षेत्र में भी लगातार योगदान दे रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में प्लांट की ओर से कई पहलें की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री साय ने महापात्र को निदेशक बनने की बधाई दी और उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “भिलाई स्टील प्लांट ने छत्तीसगढ़ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनाई है। यहाँ से न केवल उत्कृष्ट गुणवत्ता का इस्पात तैयार होता है, बल्कि यह हजारों लोगों को रोजगार भी देता है।“
भिलाई स्टील प्लांट की ऐतिहासिक भूमिका
भिलाई स्टील प्लांट की स्थापना 1955 में सोवियत संघ की सहायता से हुई थी। यह भारत का पहला ऐसा इस्पात संयंत्र था जहाँ इस्पात का उत्पादन एकीकृत रूप में किया गया। बीते दशकों में यह संयंत्र भारत की औद्योगिक ताकत का प्रतीक बन गया है।
यह संयंत्र भारतीय रेलवे को रेल ट्रैक, रक्षा क्षेत्र को विशेष स्टील और परमाणु संयंत्रों को संरचनात्मक स्टील की आपूर्ति करता है। इसके अलावा, प्लांट की CSR शाखा द्वारा आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्कूल, अस्पताल, पेयजल सुविधा, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
महापात्र का अनुभव और दृष्टिकोण
चित्तरंजन महापात्र को इस क्षेत्र में लंबा अनुभव है। वे पूर्व में सेल (SAIL) की विभिन्न इकाइयों में महत्त्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। तकनीकी विशेषज्ञता और प्रबंधन कुशलता के लिए वे उद्योग में प्रतिष्ठित माने जाते हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वे कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए उत्पादन और सामाजिक उत्तरदायित्व के कार्यों को और बेहतर करने का प्रयास करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में BSP छत्तीसगढ़ में और अधिक निवेश व रोजगार के अवसर पैदा करेगा।
राज्य सरकार और BSP के बीच सहयोग
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भिलाई स्टील प्लांट जैसे उद्योगों को हरसंभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के माध्यम से ही छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर बनाना संभव होगा। राज्य सरकार औद्योगिक क्षेत्रों के विकास, सड़कों के निर्माण, बिजली-पानी की आपूर्ति और पर्यावरण संरक्षण के उपायों को प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री ने महापात्र से आग्रह किया कि स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएं और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए।
निदेशक महापात्र ने बताया भविष्य का रोडमैप
महापात्र ने बताया कि BSP आने वाले समय में उत्पादन क्षमता बढ़ाने, तकनीकी उन्नयन और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में काम करेगा। उन्होंने कहा कि संयंत्र का लक्ष्य है कि वह कार्बन उत्सर्जन को कम करते हुए पर्यावरण के अनुकूल उत्पादन करे। इसके लिए सोलर पावर प्लांट, रीसायक्लिंग यूनिट और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसी परियोजनाएं शुरू की जाएंगी।
उन्होंने यह भी बताया कि कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम, डिजिटलाइजेशन और सेफ्टी मैनजमेंट सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा ताकि संयंत्र की कार्यक्षमता और उत्पादकता में इजाफा हो।
BSP की सामाजिक जिम्मेदारी पर फोकस
चित्तरंजन महापात्र ने इस बात पर भी जोर दिया कि BSP केवल इस्पात का उत्पादन नहीं करता बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझता है। उन्होंने कहा कि संयंत्र शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण जैसे क्षेत्रों में राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट का यह दृष्टिकोण प्रशंसनीय है और इससे स्थानीय जनता को सीधा लाभ मिलेगा।
