बीजापुर में जवानों को नुकसान पहुंचाने की नक्सली साजिश, IED विस्फोट की चपेट में आया ग्रामीण, हालत गंभीर, इलाके में मचा हड़कंप।
बीजापुर जिले में नक्सलियों की एक और कायराना हरकत सामने आई है, जहां उन्होंने सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बिछाया था। दुर्भाग्यवश, यह विस्फोट एक निर्दोष ग्रामीण की जान पर भारी पड़ गया। ग्रामीण की गंभीर हालत के चलते उसे उपचार हेतु नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना का विवरण
यह घटना बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जंगलों में हुई, जहां सुरक्षाबल नियमित सर्चिंग पर निकले थे। इसी दौरान एक ग्रामीण अनजाने में नक्सलियों द्वारा जमीन में बिछाए गए IED की चपेट में आ गया। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई।
ग्रामीण की पहचान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घायल ग्रामीण की पहचान मंगू कोर्राम (उम्र लगभग 35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पास के ही गांव का निवासी है। मंगू किसी निजी काम से जंगल की ओर गया था, लेकिन नक्सलियों की कायराना साजिश का शिकार हो गया।
पुलिस का बयान
पुलिस अधीक्षक (एसपी) कमलोचन कश्यप ने बताया कि यह विस्फोट जवानों को निशाना बनाकर किया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश एक निर्दोष ग्रामीण इसकी चपेट में आ गया। घटनास्थल से कुछ दूरी पर नक्सलियों के पर्चे भी मिले हैं, जिसमें उन्होंने इस कृत्य की जिम्मेदारी ली है।
सर्चिंग अभियान तेज
घटना के बाद सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है और नक्सलियों की तलाश तेज कर दी गई है। डीआरजी, सीआरपीएफ और एसटीएफ की संयुक्त टीम सर्चिंग अभियान में लगी हुई है।
पूर्व में भी कर चुके हैं ऐसे हमले
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सली पहले भी ऐसी हरकतें कर चुके हैं, जिसमें आम नागरिकों को जान-माल की हानि उठानी पड़ी है। आईईडी बिछाकर नक्सली सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई बार मासूम ग्रामीणों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है।
मुख्यमंत्री का बयान
घटना पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घायल ग्रामीण को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
नक्सलियों की ये हरकतें न सिर्फ सुरक्षा बलों बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा हैं। स्थानीय लोगों में भी डर का माहौल है और प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की जा रही है।
