तालाब में डूबे तीन मासूम दोस्तों की एक साथ उठी अर्थी, गांव में शोक की लहर, परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल।
छत्तीसगढ़। मानपुर अम्बागढ़गांव में शुक्रवार को बेहद हृदयविदारक दृश्य देखने को मिला, जब तीन मासूम बच्चों की एक साथ अर्थी उठी। ये तीनों आपस में गहरे दोस्त थे और एक साथ खेलते, पढ़ते और बड़े सपने देखते थे। एक छोटी सी लापरवाही ने इन तीन परिवारों की खुशियां छीन लीं और पूरा गांव गम के सन्नाटे में डूब गया।
Read it loud
हादसे की पूरी कहानी
गुरुवार दोपहर तीनों बच्चे—आयुष (8), कृष्णा (9) और विवेक (8)—गांव के पास बने पुराने तालाब की ओर खेलने के लिए निकले थे। गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए बच्चों ने तालाब में उतरने का निर्णय लिया। लेकिन तालाब की गहराई और कीचड़ में फंसकर तीनों की जान चली गई।
जब देर शाम तक बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। तालाब के पास बच्चों की चप्पलें और कपड़े मिले। सूचना पर गांव के लोग इकट्ठा हो गए और रात भर तलाश की गई। शुक्रवार सुबह बच्चों के शव तालाब से निकाले गए, जिससे पूरे गांव में कोहराम मच गया
एक साथ उठी तीन अर्थियां
तीनों बच्चों का अंतिम संस्कार एक साथ शुक्रवार को गांव के श्मशान घाट पर किया गया। अंतिम यात्रा में गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए, और हर किसी की आंखें नम थीं।
“हमने आज सिर्फ अपने बच्चे नहीं खोए, बल्कि गांव की हंसी और मासूमियत चली गई,” – एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा।
स्कूल और पंचायत में शोक
तीनों बच्चे गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा तीसरी के छात्र थे। स्कूल ने एक दिन का अवकाश घोषित कर शोक व्यक्त किया। पंचायत की ओर से पीड़ित परिवारों को संवेदना राशि व सहायता देने की घोषणा की गई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। तहसीलदार और थाना प्रभारी ने गांव का दौरा किया और परिजनों से मुलाकात कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
तालाब को सुरक्षित बनाने और वहां चेतावनी बोर्ड लगाने की घोषणा भी की गई है, ताकि भविष्य में ऐसा हादसा दोबारा न हो
मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल
तीनों बच्चों के माता-पिता की हालत बेहद खराब है। माताएं बेसुध पड़ी हैं और पिता लगातार अपने आंसुओं को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। पूरे गांव ने मिलकर इन परिवारों को ढांढस बंधाया।
सामाजिक संगठनों की अपील
घटना के बाद गांव के सामाजिक संगठनों ने तालाबों के आसपास सुरक्षा उपाय, बच्चों को तैराकी का प्रशिक्षण और स्कूलों में सुरक्षा जागरूकता अभियान शुरू करने की मांग की है।
भविष्य की चेतावनी
यह हादसा न सिर्फ एक दुखद घटना है, बल्कि गांवों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चेतावनी भी है। खुले जल स्रोत, सुरक्षा घेराबंदी के बिना बने तालाब और पानी के प्रति लापरवाही कई मासूम जिंदगियों को छीन सकती है।
